धनबाद जिला प्रशासन ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जांच और निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत गठित जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें नए पंजीकरण और पुराने पंजीकरण के नवीनीकरण से जुड़े आवेदनों की समीक्षा की गई।
बैठक में नए पंजीकरण के लिए आए 18 आवेदनों और नवीनीकरण के 17 मामलों पर विचार किया गया। जांच के दौरान जरूरी मानक पूरे नहीं मिलने पर तीन नए पंजीकरण आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया। नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद एक अल्ट्रासाउंड केंद्र का नवीनीकरण आवेदन भी मंजूर नहीं किया गया।
नवीनीकरण से संबंधित शेष मामलों में प्रशासन ने पहले नोटिस जारी करने और चिह्नित कमियों को ठीक कराने का निर्देश दिया है। संबंधित केंद्रों को 20 नवंबर तक अपनी व्यवस्था तय मानकों के अनुरूप करनी होगी। इस समय-सीमा के बाद केंद्रों के दावों और उपलब्ध सुविधाओं की मौके पर पड़ताल की जाएगी।
प्रशासन की योजना के अनुसार, 20 नवंबर से एक दिसंबर के बीच अल्ट्रासाउंड केंद्रों का सघन भौतिक निरीक्षण होगा। निरीक्षण में यह देखा जाएगा कि नोटिस में दर्ज कमियां वास्तव में दूर की गई हैं या नहीं। सत्यापन पूरा होने के बाद ही जिला सलाहकार समिति की अगली बैठक में नवीनीकरण के आवेदनों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उपायुक्त ने जिले के सभी अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों की नियमित जांच के साथ औचक निरीक्षण जारी रखने को भी कहा। प्रत्येक क्लीनिक को अलग-अलग जांच की निर्धारित फीस का रेट चार्ट ऐसी जगह प्रदर्शित करना होगा, जहां मरीज और उनके परिजन उसे आसानी से देख सकें। प्रशासन ने इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया है।
बैठक में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार प्रसाद, कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम, सहायक लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार राय तथा स्वास्थ्य और प्रशासन से जुड़े अन्य सदस्य उपस्थित थे। समीक्षा का केंद्र पंजीकरण प्रक्रिया, निर्धारित मानकों का अनुपालन और मरीजों के लिए शुल्क संबंधी जानकारी को स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराना रहा।