चक्रधरपुर से होकर हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों को दुर्गापूजा और दशहरा से पहले आरक्षण की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। त्योहारों में अभी करीब एक माह बाकी है, लेकिन कई नियमित ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची 100 के पार पहुंचने और वातानुकूलित श्रेणियों की सीटें भरने की सूचना है।
गीतांजलि एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई मेल, हावड़ा-पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस, अहमदाबाद-हावड़ा सुपरफास्ट और समरसता एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल बताया गया है। पोरबंदर-हावड़ा और कोरापुट-हावड़ा एक्सप्रेस में भी त्योहार के आसपास आरक्षण पर दबाव बढ़ा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 18 सितंबर से 25 अक्टूबर के बीच हावड़ा और मुंबई की ओर आने-जाने वाली कई ट्रेनों में बर्थ उपलब्ध नहीं है। कुछ गाड़ियों की एसी श्रेणियों में प्रतीक्षा टिकट का विकल्प भी नहीं मिल रहा, जबकि स्लीपर श्रेणी की प्रतीक्षा सूची लगातार लंबी हो रही है।
यात्रियों ने त्योहार के दौरान घर जाने और छुट्टियों के बाद लौटने के लिए पहले से टिकट बुक कराना शुरू किया था। इसके बावजूद मांग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक होने के कारण आरक्षण की स्थिति कठिन बनी हुई है। रिपोर्ट में कुछ ट्रेनों में नवंबर तक कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी की बात भी कही गई है।
चक्रधरपुर रेल मंडल में बड़ी संख्या में रेलकर्मी और अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं। दुर्गापूजा और दशहरा की छुट्टियों में इनमें से अनेक कर्मचारी परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए अपने गृह क्षेत्र जाते हैं। नियमित ट्रेनों में बढ़ी प्रतीक्षा सूची के कारण ऐसे परिवारों की यात्रा योजना भी प्रभावित हो सकती है।
दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से दुर्गापूजा और दशहरा के लिए त्योहार विशेष ट्रेनों की घोषणा की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। यात्रियों को उम्मीद है कि अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए विशेष गाड़ियां चलाई जाएंगी। फिलहाल उनकी नजर रेलवे की अगली घोषणा पर है, क्योंकि अतिरिक्त सेवा नहीं मिलने पर नियमित ट्रेनों में आरक्षण का दबाव और बढ़ सकता है।