गढ़वा जिले में दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। पूजा पंडालों, भीड़ वाले स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
पलामू के डीआईजी किशोर कौशल ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण स्थलों पर निगरानी मजबूत करने को कहा है। उनका जोर पुलिस पदाधिकारियों, जवानों और स्थानीय स्तर पर संबंधित पक्षों के बीच समन्वय बनाए रखने पर है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर तुरंत कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पिछले वर्ष के सरकारी आंकड़ों के अनुसार गढ़वा जिले में 719 स्थानों पर दुर्गा पूजा का आयोजन हुआ था। इसी अवधि में पलामू में 680 और लातेहार में 147 पूजा आयोजन दर्ज किए गए थे। प्रशासन इस बार भी आयोजन स्थलों की संख्या, स्थिति और संवेदनशीलता के आधार पर पुलिस बल की तैनाती की तैयारी कर रहा है।
सुरक्षा प्रबंध केवल बड़े पंडालों तक सीमित नहीं रहेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा आयोजनों पर संबंधित थानों के स्तर से नजर रखी जाएगी। अधिक भीड़ वाले पंडालों और महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त बल लगाने की तैयारी है। पूजा समितियों के साथ संपर्क रखकर स्थानीय जरूरतों के अनुसार व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।
सप्तमी से दशमी के बीच पंडालों और बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात प्रबंधन भी तैयारी का प्रमुख हिस्सा है। पंडालों के आसपास पार्किंग, पैदल आवाजाही और सामान्य यातायात को व्यवस्थित रखने की योजना बनाई जा रही है। प्रतिमा विसर्जन के दिन निर्धारित मार्गों तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर भी पुलिस तैनात करने की तैयारी है।
गढ़वा के एसपी आशुतोष शेखर के अनुसार जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। पूजा समितियों के साथ समन्वय कर भीड़, यातायात और संवेदनशील स्थानों की निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों को अफवाहों और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचनाओं पर भी नजर रखने को कहा गया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।