रांची से राज्यभर में दुर्गा पूजा के दौरान अग्नि सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी की गई है। अग्निशमन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है और हाल में मिले 58 मिनी वाटर टेंडर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार किए गए हैं। जिलों से मिलने वाली जरूरतों के आधार पर अग्निशमन संबंधी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
सभी 24 जिलों में मिनी वाटर टेंडर तैनात करने की योजना है। बड़े वाटर टेंडर के साथ मिस्ट तकनीक वाले छोटे वाहनों का भी उपयोग किया जाएगा। सभी अग्निशमन केंद्रों में मौजूद वाहनों को तैयार रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर बचाव अभियान तत्काल शुरू किया जा सके।
पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच संबंधित जिलों की समितियां करेंगी। इन समितियों में उपायुक्त, एसएसपी या एसपी समेत अन्य अधिकारी शामिल रहते हैं। निरीक्षण के दौरान पंडाल तक आने-जाने के मार्ग, सीसीटीवी कैमरे, पानी और बिजली की व्यवस्था के साथ अग्निशमन तथा आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
जिला समितियां निरीक्षण के बाद पूजा आयोजकों को आवश्यक निर्देश देंगी और उनके अनुपालन के लिए भी कहेंगी। प्रशासन की तैयारी में पंडालों की संख्या और वहां जुटने वाली संभावित भीड़ को ध्यान में रखा जाएगा। इसका उद्देश्य किसी आपात स्थिति में लोगों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों को समय पर सक्रिय करना है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, बड़े शहरों में अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक नियंत्रण कक्ष के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल और अग्निशमन वाहन तैनात करने की योजना है। इससे भीड़ वाले इलाकों में किसी घटना की सूचना मिलने पर संबंधित दल को तेजी से मौके तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
दुर्गा पूजा की विधि-व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय स्तर पर जिलों के एसएसपी, एसपी तथा वरिष्ठ क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समीक्षा हो चुकी है। दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिलों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक भी प्रस्तावित है। उसमें सामने आने वाली आवश्यकताओं के अनुसार विभागों से अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।