सरायकेला जिला मुख्यालय के व्यस्त गैरेज चौक पर अव्यवस्था और रात में होने वाली शराबखोरी से स्थानीय लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से लगाया गया ‘नो एंट्री’ बोर्ड भी यहां नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है। उन्होंने चौक और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित तथा सुरक्षित बनाने की मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम के बाद चौक के आसपास खुलेआम शराब पीने वालों का जमावड़ा लगने लगता है। क्षेत्र में पड़ी शराब की खाली बोतलों और गंदगी के कारण सार्वजनिक स्थान का माहौल प्रभावित हो रहा है। लोगों ने इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता बताई है।
गैरेज चौक स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए भी प्रमुख पड़ाव है। यहां छात्राएं बस और ऑटो का इंतजार करती हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शराब की बोतलों, गंदगी और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण छात्राओं को असहजता और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
चौक पर यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘नो एंट्री’ लागू होने के बावजूद अनधिकृत रूप से वाहन खड़े किए जाते हैं। इसके साथ ही ठेले लगने से सड़क पर उपलब्ध जगह कम हो जाती है और कई बार जाम की स्थिति बनती है।
समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासक को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में अवैध ठेलों और अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों को हटाने की मांग की गई है। लोगों ने चौक की नियमित सफाई और सार्वजनिक स्थान पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह भी किया है।
स्थानीय निवासियों ने रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने और शराबखोरी करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासनिक निगरानी बढ़ने से छात्राओं, यात्रियों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए गैरेज चौक का माहौल अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।