दुर्गा पूजा पर झारखंड में 24 घंटे कंट्रोल रूम, ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी

पुलिस मुख्यालय की समीक्षा बैठक में पूजा पंडालों, विसर्जन मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए जिलों को विस्तृत निर्देश दिए गए।

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दुर्गा पूजा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए रांची पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक

रांची में पुलिस मुख्यालय स्तर पर हुई समीक्षा के बाद दुर्गा पूजा और विजयादशमी के दौरान झारखंड के सभी जिलों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, एसएसपी और जिला पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक का केंद्र भीड़ प्रबंधन, पंडालों की सुरक्षा और किसी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय रहा।

प्रत्येक जिले में चौबीस घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष स्थापित करने को कहा गया है। इनमें रोस्टर के अनुसार पुलिस अधिकारियों और जवानों की तैनाती होगी। जिले के किसी हिस्से में अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर उसे राज्य पुलिस मुख्यालय और डीजीपी कंट्रोल रूम तक तुरंत पहुंचाने की व्यवस्था रखने का निर्देश है।

सभी लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी पूजा पंडालों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर जाकर सुरक्षा प्रबंध देखेंगे। पंडालों में पुलिस बल, महिला सुरक्षाकर्मी और दंडाधिकारी तैनात करने के साथ महिला तथा पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश और निकास, आपातकालीन द्वार, अग्निशमन उपकरण, विद्युत सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था रखने को कहा गया है।

संवेदनशील पंडालों की निगरानी सीसीटीवी नेटवर्क और ड्रोन कैमरों से की जाएगी। दंगा-रोधी संसाधनों से लैस त्वरित प्रतिक्रिया दल भी सतर्क रहेंगे। छेड़खानी, छिनतई, चोरी और जबरन चंदा वसूली रोकने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा डांडिया और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त महिला सुरक्षा बल लगाने का निर्देश दिया गया है।

सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री, आपत्तिजनक पोस्ट और अफवाहों की निगरानी साइबर सेल करेगा। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, अवैध शराब और मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान तथा थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित करने पर भी जोर दिया है।

विसर्जन मार्गों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों का पहले सत्यापन होगा। जुलूसों की वीडियोग्राफी और ड्रोन से निगरानी कराने के साथ ध्वनि विस्तारक यंत्रों तथा डीजे के उपयोग में उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। भड़काऊ गानों पर रोक रहेगी, जबकि नदियों और घाटों सहित विसर्जन स्थलों पर दुर्घटनाओं से बचाव के लिए स्थानीय गोताखोर तैनात किए जाएंगे।