रांची जिला प्रशासन ने सोमवार को नाबालिगों के वाहन चलाने और स्कूली बच्चों के परिवहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर परिवहन विभाग की टीम ने डीपीएस, केराली स्कूल और अन्य विद्यालयों के बाहर वाहनों तथा उनके दस्तावेजों की जांच की।
अभियान के दौरान बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस दोपहिया वाहन चलाते मिले 30 नाबालिगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। वहीं, पांच वाहनों को जब्त किया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा की जानकारी भी दी।
जांच दल ने नाबालिगों को बताया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना कानून का उल्लंघन है। कम उम्र में वाहन चलाने से केवल चालक ही नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं देने की अपील की।
स्कूली बच्चों को लाने और ले जाने वाले वाहनों में भी निर्धारित सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिली। जांच के दौरान पांच सीट की क्षमता वाले कुछ वाहनों में 12 से 14 विद्यार्थियों को बैठाया गया था। अधिकारियों ने संबंधित चालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की और उन्हें तय क्षमता से अधिक बच्चों को नहीं बैठाने की हिदायत दी।
प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से भी सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने को कहा। इसी अभियान के तहत बुंडू टोल प्लाजा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग की जांच की गई। यातायात में बाधा डालने वाले वाहनों पर कार्रवाई करते हुए चालकों को राजमार्ग पर वाहन खड़ा नहीं करने का निर्देश दिया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, नाबालिगों के वाहन चलाने, स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ जांच आगे भी जारी रहेगी। अभियान में मोटरयान निरीक्षक, सड़क सुरक्षा अभियंता, संबंधित यातायात थाना प्रभारी तथा परिवहन और यातायात विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।