देवघर की युवा वॉलीबॉल खिलाड़ी पल्लवी व्यास ने राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में अपने रक्षात्मक खेल से खास पहचान बनाई है। खेलो झारखंड एसजीएफआई की 70वीं राज्य अंडर-17 बालिका वॉलीबॉल प्रतियोगिता 2026-27 में उन्हें बेस्ट डिफेंडर की ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन के बाद उन्हें झारखंड की राज्य टीम के कैंप में भी जगह मिली है।
यह प्रतियोगिता रांची के खेल गांव में आयोजित की गई थी, जिसमें राज्य की 24 टीमों ने भाग लिया। देवघर की टीम ने प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया। गोड्डा की टीम पहले, रामगढ़ दूसरे और लातेहार तीसरे स्थान पर रही। देवघर की टीम भले ही पदक से चूक गई, लेकिन पल्लवी के व्यक्तिगत प्रदर्शन को सर्वश्रेष्ठ रक्षात्मक खेल के पुरस्कार से मान्यता मिली।
पल्लवी देवघर के सीएम एसओई बालिका मातृ मंदिर विद्यालय में दसवीं कक्षा की छात्रा हैं। विद्यालय की कई छात्राएं जिला टीम में शामिल थीं। प्रतियोगिता के दौरान पल्लवी ने रक्षण की अपनी भूमिका में प्रभावी प्रदर्शन किया और चयनकर्ताओं तथा प्रशिक्षकों का ध्यान आकर्षित किया।
देवघर बालिका टीम के कोच और विद्यालय के शारीरिक शिक्षक डॉ. पंकज सिंह के अनुसार, राज्य टीम के कैंप के लिए चयन की प्रक्रिया पहले ही ट्रायल के माध्यम से पूरी की गई थी। प्रतियोगिता में पल्लवी के प्रदर्शन को देखने के बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें कैंप में स्थान दिया। कोच ने उनकी उपलब्धि के पीछे मेहनत, अनुशासन और नियमित अभ्यास को महत्वपूर्ण बताया।
पल्लवी के पिता काशीनाथ व्यास और मां अमृता व्यास उनकी उपलब्धि से प्रसन्न हैं। परिवार पढ़ाई के साथ-साथ खेल अभ्यास जारी रखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका बिशु किरण, कक्षाध्यापक विनोद कुमार, अनुराज कुमार और अन्य शिक्षकों ने भी पल्लवी को बधाई दी है।
झारखंड की टीम दिसंबर में राजस्थान में प्रस्तावित 70वीं एसजीएफआई राष्ट्रीय अंडर-17 बालिका वॉलीबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी। राज्य टीम के कैंप में पल्लवी को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर मिलेगा। राज्यस्तर पर मिला पुरस्कार और कैंप में चयन देवघर की इस छात्रा के अब तक के खेल प्रदर्शन की दो अहम उपलब्धियां हैं।