देवघर के कुमैठा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेल सुविधाओं की खराब स्थिति स्थानीय खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में बाधा बन रही है। वर्ष 2018 में संथाल परगना के खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन और अभ्यास का अवसर देने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस परिसर में स्विमिंग पूल बंद है, जबकि एथलेटिक्स से जुड़ी कई प्रस्तावित सुविधाएं अब भी पूरी नहीं हो सकी हैं।
स्टेडियम मैनेजर कुंदन शाह के अनुसार, चुनाव के दौरान स्विमिंग पूल में ईवीएम रखे जाने के बाद इसकी स्थिति खराब हुई थी। उन्होंने बताया कि पूल करीब दो वर्षों से बंद है। इसे दुरुस्त करने की प्रक्रिया चल रही है और मरम्मत के बाद खिलाड़ियों के लिए दोबारा खोलने की तैयारी है।
पूल उपलब्ध नहीं होने का असर तैराकी सीखने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। खेल संगठन से जुड़े वरिष्ठ सदस्य और कोच नवीन शर्मा के मुताबिक, बच्चों को फिलहाल तालाब में तैराकी का प्रशिक्षण देना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इससे नियमित और तकनीकी अभ्यास प्रभावित होता है, हालांकि संसाधनों की कमी के बीच भी क्षेत्र के बच्चे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
कॉम्प्लेक्स में एथलेटिक्स मैदान और ट्रैक तैयार करने की प्रक्रिया भी लंबे समय से लंबित बताई गई है। पर्याप्त अभ्यास ढांचा नहीं होने से खिलाड़ियों को अपनी तैयारी के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। खेल संगठन के अध्यक्ष ध्रुव सिंह ने कहा कि स्टेडियम की मरम्मत और स्विमिंग पूल को फिर शुरू कराने के लिए अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
ध्रुव सिंह के अनुसार, श्रावणी मेले की व्यस्तता के कारण अधिकारियों के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी थी। अब बैठक कर परिसर की व्यवस्थाओं को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को उम्मीद है कि लंबित काम पूरा होने से प्रशिक्षण की स्थिति बेहतर होगी।
जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेगा। प्रशासन ने एथलेटिक्स ट्रैक तैयार करने और फुटबॉल स्टेडियम को बेहतर स्वरूप देने की बात कही है। प्रस्तावित सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने का लक्ष्य भी बताया गया है, ताकि क्षेत्र के खिलाड़ियों को उचित अभ्यास वातावरण मिल सके।