देवघर के चरकीपहाड़ी में छापेमारी, 42 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ तीन गिरफ्तार

कुंडा थाना क्षेत्र के चरकीपहाड़ी स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में पुलिस ने छापेमारी कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मौके से 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर, नकदी और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

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देवघर में जब्त ब्राउन शुगर, नकदी और मोबाइल के साथ पुलिस की कार्रवाई

देवघर के कुंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की कथित खरीद-बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, चरकीपहाड़ी स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में की गई छापेमारी के दौरान कुल 42 पुड़िया में रखा 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुआ। तीनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई एक सूचना के आधार पर की गई। इसके लिए अंचल अधिकारी अनिल कुमार और कुंडा थाना प्रभारी प्रशांत कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम आवश्यक दस्तावेज और वीडियोग्राफी की व्यवस्था के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर वहां मौजूद तीन युवकों ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया।

तलाशी के दौरान अलग-अलग आरोपियों के पास से ब्राउन शुगर की पुड़ियां मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी के पास से 12 पुड़िया और एक पारदर्शी पन्नी, दूसरे से 20 पुड़िया तथा तीसरे से आठ पुड़िया बरामद हुईं। इनके साथ कुल 9,270 रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

इस मामले में कुंडा थाना प्रभारी के बयान पर प्राथमिकी संख्या 124/2026 दर्ज की गई है। प्राथमिकी में गिरफ्तार तीन युवकों के अलावा हंसडीहा निवासी एक व्यक्ति को भी आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ प्राथमिकी में आपूर्ति से जुड़े आरोप दर्ज किए गए हैं; इन दावों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में देवघर के बंधा, तपोवन, बैद्यनाथपुर और कुंडा मोड़ समेत कुछ इलाकों में पुड़ियों की कथित बिक्री की जानकारी सामने आई है। आरोपियों से संबंधित ये विवरण पुलिस की प्राथमिकी और पूछताछ पर आधारित हैं। मामले में आगे की जांच के बाद ही कथित आपूर्ति शृंखला और अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

कार्रवाई में थाना और जिला पुलिस के कई अधिकारी व कर्मी शामिल थे। बरामद पदार्थ की मात्रा, नकदी और मोबाइल फोन को मामले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। गिरफ्तार लोगों पर लगाए गए आरोप अदालत में प्रमाणित होना बाकी हैं और कानून के अनुसार उन्हें अपना पक्ष रखने का अधिकार होगा।