देवघर के डकाय जंगल में साइबर ठगी के आरोप में पांच गिरफ्तार, नौ मोबाइल और 10 सिम बरामद

देवघर पुलिस ने सारठ थाना क्षेत्र के डकाय जंगल में छापेमारी कर कथित अंतरजिला साइबर गिरोह के पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को निशाना बनाता था।

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देवघर साइबर थाना पुलिस की गिरफ्त में पांच आरोपित

देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ अभियान के दौरान पुलिस ने सारठ थाना क्षेत्र के डकाय जंगल में छापेमारी कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसे अंतरजिला गिरोह से जुड़ा मामला बताया है। कार्रवाई में नौ मोबाइल फोन और 10 सिमकार्ड बरामद किए गए हैं।

पुलिस मीडिया सेल के अनुसार, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर 30 अक्टूबर को यह छापेमारी की गई। साइबर डीएसपी कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में गठित टीम को जंगल में कुछ संदिग्ध लोगों के साइबर ठगी करने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर कार्रवाई की।

गिरफ्तार लोगों में पथरड्डा ओपी क्षेत्र के छाताकुरूम गांव के उत्तम कुमार दास, बोचबांध गांव के विकास कुमार महरा और अशोक महरा शामिल हैं। देवीपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव के अजीत दास तथा दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र स्थित सलजोरा बंदरी गांव के मणिक कुमार मंडल को भी पकड़ा गया है।

पुलिस का आरोप है कि ये लोग फ्लिपकार्ट और अमेजन के कस्टमर केयर प्रतिनिधि तथा एयरटेल पेमेंट बैंक के पदाधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते थे। गूगल पर फोनपे कस्टमर केयर के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लेने की बात भी पुलिस ने कही है। आरोपों की पुष्टि अब आगे की कानूनी प्रक्रिया में होगी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपित पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर एपीके फाइल भेजते थे। दावा है कि ऐसी फाइल के माध्यम से मोबाइल का एक्सेस हासिल करने की कोशिश की जाती थी। एयरटेल थैंक्स ऐप के जरिये भी ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है।

मामले में साइबर थाना कांड संख्या 149/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने सभी पांच आरोपितों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में मंडल कारा भेज दिया गया। छापेमारी दल में साइबर थाना और पथरड्डा ओपी के अधिकारी तथा पुलिसकर्मी शामिल थे।