पलामू जिले के हुसैनाबाद में पासपोर्ट संबंधी कागजात के साथ जमा किया गया एक जन्म प्रमाणपत्र जांच में फर्जी पाया गया है। शिकायतकर्ता के लिखित आवेदन पर हुसैनाबाद थाने में एक ऑनलाइन सेंटर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने प्रमाणपत्र तैयार किए जाने से जुड़े पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिकी में हैदरनगर थाना क्षेत्र के केवाल गांव के शिकायतकर्ता ने बताया कि वह फिलहाल मुंबई में रहते हैं। जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उन्होंने हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के रमजान बीघा गांव में ऑनलाइन सेंटर चलाने वाले व्यक्ति से मोबाइल पर संपर्क किया था। शिकायत के मुताबिक, संचालक ने प्रमाणपत्र बन जाने की बात कही थी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित प्रमाणपत्र उन्हें 19 नवंबर 2024 को व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा गया था। बाद में उन्होंने अपने पुत्र का पासपोर्ट बनवाने के लिए अन्य दस्तावेजों के साथ यह जन्म प्रमाणपत्र मुंबई पासपोर्ट कार्यालय में जमा किया।
आवेदन की जांच के दौरान मुंबई पासपोर्ट कार्यालय और सीआईडी ने उस जन्म प्रमाणपत्र को फर्जी पाया। इसके बाद शिकायतकर्ता मुंबई से हुसैनाबाद पहुंचे। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि 30 अक्टूबर 2026 को उन्होंने छठ पोखरा स्थित ऑनलाइन सेंटर जाकर संचालक से प्रमाणपत्र के बारे में जवाब मांगा, लेकिन उन्हें दुकान से बाहर कर दिया गया।
हुसैनाबाद के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी ने बताया कि लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब कथित फर्जी जन्म प्रमाणपत्र से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और प्रमाणपत्र बनने की प्रक्रिया की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।