देवघर के डिंडाकोली दुर्गा मंदिर में अष्टमी पूजा, आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालु

करों प्रखंड के डिंडाकोली गांव स्थित दुर्गा मंदिर में अष्टमी पर विशेष पूजा हुई। करीब तीन शताब्दियों पुरानी परंपरा में शामिल होने के लिए बाहर रहने वाले ग्रामीण भी गांव लौटे।

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देवघर के डिंडाकोली दुर्गा मंदिर में अष्टमी पूजा के लिए जुटे श्रद्धालु

देवघर जिले के करों प्रखंड के डिंडाकोली गांव स्थित दुर्गा मंदिर में सोमवार, 19 अक्टूबर को अष्टमी की पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। लोगों ने माता के दर्शन किए और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना में भाग लिया।

डिंडाकोली में दुर्गा पूजा की परंपरा करीब 300 वर्षों से अधिक पुरानी बताई जाती है। पीढ़ियों से चले आ रहे इस आयोजन के कारण मंदिर स्थानीय ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान यहां बड़ी संख्या में भक्त एकत्र होते हैं और अष्टमी के दिन विशेष चहल-पहल रहती है।

इस बार भी डिंडाकोली के साथ सिंहपुर, सियाटांड, धमना, चिकनियां, लेड़वा, लकरछारा, सुसुनडबरा, तारापुर, रांझा और धर्मपुर समेत आसपास के कई गांवों से श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। सुबह से लोगों का आना-जाना जारी रहने के कारण मंदिर परिसर और गांव में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।

पूजा की एक विशेषता यह भी है कि रोजगार के कारण दूसरे शहरों में रहने वाले ग्रामीण इस अवसर पर अपने पैतृक गांव लौटते हैं। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु सहित देश के अलग-अलग शहरों में रहने वाले कई लोग दुर्गा पूजा में शामिल होने के लिए डिंडाकोली पहुंचे और परिवार तथा गांव के लोगों के साथ आराधना की।

ग्रामीणों और बाहर से लौटे लोगों की भागीदारी ने वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा को फिर जीवंत किया। आयोजन के दौरान गांव में आपसी सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल रहा। अष्टमी की पूजा में विभिन्न गांवों से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने डिंडाकोली मंदिर के प्रति क्षेत्र में कायम आस्था और उसके सामाजिक जुड़ाव को भी सामने रखा।