हजारीबाग में शारदीय नवरात्र के दौरान थीम आधारित दुर्गा पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक पंडाल तैयार किए गए हैं। देर शाम से पूजा स्थलों पर लोगों की भीड़ बढ़ रही है और आकर्षक विद्युत सज्जा से शहर के कई इलाके रोशन दिखाई दे रहे हैं।
कालीबाड़ी दुर्गा पूजा समिति ने शिक्षा, पढ़ाई के बदलते स्वरूप और बच्चों में अवसाद के विषय को केंद्र में रखकर पंडाल बनाया है। यहां की प्रतिमा को भी इसी प्रस्तुति का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। पूजा आयोजन के साथ सामाजिक विषय सामने रखने वाली यह थीम लोगों का ध्यान खींच रही है।
लाखे नूतननगर स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा महासमिति ने राष्ट्रभक्ति पर आधारित 75 फीट ऊंचा तिरंगा थीम वाला पंडाल तैयार किया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इसके निर्माण पर करीब 16 लाख रुपये खर्च हुए हैं। गांधी मैदान के पूजा पंडाल को ललिता पैलेस की शैली में सजाया गया है और इसकी नक्काशी चर्चा में है।
हवाई अड्डा रोड स्थित नगवा ज्योति क्लब ने लगभग 50 फीट ऊंचा पंडाल बनाया है, जिसमें कलश और मंदिरनुमा वास्तुशैली की झलक मिलती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पंडाल तैयार हुए हैं। चुरचू में वनांचल क्लब का पंडाल 70 फीट और सिंदूर में न्यू आजाद क्लब का पंडाल 60 फीट ऊंचा बताया गया है। इनकी सजावट में पारंपरिक धार्मिक वास्तुकला को प्रमुखता दी गई है।
प्रमुख पूजा स्थलों पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। भीड़ के बीच व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूजा समितियां भी सक्रिय हैं। कई स्थानों पर धनबाद और कोलकाता से आई ढाक टीमों की प्रस्तुतियां रखी गई हैं।
पूजा कार्यक्रमों के साथ महाआरती, डांडिया और भंडारे भी आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु परिवारों के साथ पंडालों में पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं और रोशनी तथा कलाकृतियों को मोबाइल कैमरों में दर्ज कर रहे हैं। अलग-अलग विषयों और स्थापत्य शैलियों के कारण इस बार हजारीबाग की दुर्गा पूजा में धार्मिक आयोजन के साथ कला और सामाजिक संदेश भी प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं।