देवघर के सरकारी गोदाम में करीब 22 हजार क्विंटल चावल का हिसाब नहीं, प्राथमिकी दर्ज

बैद्यनाथपुर स्थित सरकारी गोदाम के ऑनलाइन रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में बड़ा अंतर मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई है। कुंडा थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।

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देवघर के बैद्यनाथपुर स्थित सरकारी अनाज गोदाम का सांकेतिक दृश्य

देवघर के बैद्यनाथपुर स्थित बाजार समिति परिसर में झारखंड स्टेट फूड कॉरपोरेशन के गोदाम से करीब 22 हजार क्विंटल चावल का हिसाब नहीं मिलने का मामला सामने आया है। विभागीय जांच के दौरान ऑनलाइन रजिस्टर में दर्ज स्टॉक और गोदाम में उपलब्ध चावल की वास्तविक मात्रा के बीच बड़ा अंतर पाया गया। मामले में विभाग की ओर से कुंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

गोदाम में अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद भंडारित अनाज का भौतिक सत्यापन कराया गया था। ऑनलाइन रिकॉर्ड में हजारों क्विंटल चावल उपलब्ध दिखाया गया, जबकि जांच के समय गोदाम में इसकी मात्रा काफी कम मिली। प्रारंभिक जांच में करीब 22 हजार क्विंटल चावल का लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है।

जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी प्रीतिलता किस्कू के अनुसार, ऑनलाइन रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन में भारी अंतर मिला है। गोदाम प्रबंधक से पूछा गया है कि रिकॉर्ड में दर्ज इतनी बड़ी मात्रा का चावल कहां गया। संबंधित पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

चावल को अवैध रूप से बाजार में बेचे जाने की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय होने या कथित हेराफेरी के तरीके के बारे में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। विभाग उपलब्ध अभिलेखों और गोदाम के वास्तविक स्टॉक का मिलान कर रहा है।

उपायुक्त के निर्देश पर गोदाम की निगरानी बढ़ा दी गई है। वहां उपलब्ध अनाज की गणना करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगे ऐसी अनियमितता की गुंजाइश न रहे। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की विभागीय और पुलिस जांच आगे बढ़ेगी।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देवघर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों तक अनाज की आपूर्ति में परेशानी की शिकायतें मिल रही हैं। सरकारी गोदाम के रिकॉर्ड में इतना बड़ा अंतर वितरण व्यवस्था की निगरानी पर सवाल उठाता है। जांच पूरी होने के बाद ही चावल की कमी, जिम्मेदार लोगों और संभावित कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।