कोडरमा जिले में खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों से सोने-चांदी के आभूषण ठगने के मामलों की जांच में दो संदिग्धों की पहचान हुई है। पुलिस के अनुसार, तिलैया और डोमचांच थाना क्षेत्रों में हाल में सामने आई घटनाओं के बाद जांच शुरू की गई थी। दोनों संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि दोनों घटनाओं में ठगी का तरीका लगभग एक जैसा था। जांच के दौरान झारखंड के अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदात की जानकारी सामने आने पर किसी संगठित गिरोह की सक्रियता की आशंका हुई। इसके बाद घटनास्थलों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की पड़ताल की गई।
जांच में मिले संकेतों के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। वरीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इनके तार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़े इरानी गैंग से होने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि दोनों हाल में मुंबई की जेल से बाहर आने के बाद फिर सक्रिय हुए हैं, हालांकि उनकी गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।
पुलिस के अनुसार, इस तरीके की ठगी में आरोपी सादे कपड़ों में पहुंचकर खुद को पुलिसकर्मी बताते हैं। वे सुरक्षा जांच, चोरी की आशंका या किसी अन्य बहाने से लोगों को भरोसे में लेते हैं और पहने हुए आभूषण उतरवाने का प्रयास करते हैं। मौका मिलने पर आभूषण लेकर फरार हो जाते हैं।
जिले में घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशिष ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। नागरिकों से कहा गया है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने आभूषण न उतारें। यदि कोई व्यक्ति पुलिसकर्मी बनकर जांच के नाम पर ऐसा करने को कहे तो उसकी पहचान की पुष्टि करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाने या पुलिस को दें।