देवघर नगर निगम में प्रवेश के लिए आई कार्ड अनिवार्य, पार्षदों ने आदेश पर जताई नाराजगी

देवघर नगर निगम कार्यालय में कर्मचारियों और वार्ड पार्षदों के लिए पहचान पत्र दिखाने का नियम लागू किया गया है। कर्मचारी इसे सुरक्षा से जुड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ पार्षदों ने विरोध जताया है।

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देवघर नगर निगम कार्यालय में प्रवेश के लिए पहचान पत्र से जुड़े आदेश का सांकेतिक दृश्य

देवघर नगर निगम कार्यालय में प्रवेश के लिए कर्मचारियों के साथ वार्ड पार्षदों को भी पहचान पत्र दिखाना होगा। नगर आयुक्त सुलोचना मीणा की ओर से जारी आदेश के बाद नई व्यवस्था लागू की गई है। कर्मचारियों ने नियम को स्वीकार किया है, जबकि कुछ पार्षदों ने इस पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए हैं।

यह आदेश निगम कार्यालय में कुछ दिन पहले हुए विवाद के बाद सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक जनप्रतिनिधि द्वारा कार्यालय के सामने एक कर्मचारी के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणी किए जाने से स्थानीय कर्मचारी नाराज हो गए थे। उन्होंने हड़ताल पर जाने की घोषणा की, लेकिन आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए नगर आयुक्त ने उनसे बातचीत की और हड़ताल वापस करा दी गई।

हड़ताल वापस लेते समय कर्मचारियों ने मांग रखी कि भविष्य में किसी जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति की ओर से निगम कर्मियों के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल न किया जाए। कर्मचारियों का कहना था कि कार्यालय की व्यवस्था चलाने के साथ उनके सम्मान और सुरक्षा का ध्यान रखा जाना भी जरूरी है।

इसके बाद जारी आदेश में निगम कार्यालय आने वाले कर्मचारियों और पार्षदों के लिए आई कार्ड दिखाने की व्यवस्था की गई। निगम प्रशासन का तर्क है कि जनप्रतिनिधियों के साथ कई बार अन्य लोग भी कार्यालय में प्रवेश कर जाते हैं। लोगों की पहचान सुनिश्चित करने से कार्यालय की सुरक्षा और कामकाज की व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कुछ पार्षदों का कहना है कि वे जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और वार्ड की समस्याएं लेकर अधिकारियों के पास आते हैं। उनके अनुसार, कार्यालय में प्रवेश के दौरान पहचान साबित करने की अनिवार्यता उनकी भूमिका और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है। वहीं, निगम प्रशासन इस निर्णय को प्रवेश पर अनुमति लेने की प्रक्रिया के बजाय पहचान और अनुशासन की व्यवस्था बता रहा है।

देवघर के मेयर रवि राउत ने कहा है कि वह फिलहाल शहर से बाहर हैं। वापस लौटने के बाद वह निगम अधिकारियों से पूरे मामले पर बातचीत करेंगे। उन्होंने निगम के भीतर पैदा हुए मनमुटाव को संवाद और आपसी सामंजस्य से जल्द समाप्त करने का प्रयास करने की बात कही है।