देवघर जिले के सारठ प्रखंड की पलमा पंचायत में आमडंगाल और कुशमाहा के बीच जोरिया पर बने नए पुल का गार्डवाल उद्घाटन से पहले धंस गया है। करीब 3.25 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के एप्रोच पथ में भी दरार दिखाई दी है। पुल का निर्माण लगभग आठ महीने पहले हुआ था और अभी उस पर वाहनों का परिचालन शुरू नहीं हुआ है।
निर्माण की स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि काम के दौरान निर्धारित मानकों का ध्यान नहीं रखा गया और घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि निर्माण स्थल पर प्रयोगशाला की व्यवस्था नहीं किए जाने समेत कई शिकायतें उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित रूप में दी थीं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी विभागीय जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
गार्डवाल में समस्या सामने आने के बाद विभागीय अभियंता के निर्देश पर संवेदक ने उसके एक हिस्से को तोड़कर दोबारा निर्माण शुरू कराया। इसी बीच दूसरी ओर का गार्डवाल भी धंसता दिखाई देने से परियोजना की मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण पूरे निर्माण की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।
एप्रोच पथ में आई दरार ने पुल तक सुरक्षित आवागमन की तैयारी पर भी प्रश्न खड़े किए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बिना यातायात शुरू हुए इस तरह की क्षति दिखना गंभीर विषय है। उन्होंने पुल की उपयोगिता और एप्रोच पथ के लिए भूमि की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
विभाग के सहायक अभियंता गोपाल पासवान के अनुसार, क्षतिग्रस्त गार्डवाल का काम नए सिरे से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दूसरी ओर बने गार्डवाल का भी निरीक्षण कर आवश्यकता के अनुसार उसे दुरुस्त कराया जाएगा। सहायक अभियंता ने यह भी कहा कि संवेदक को अभी परियोजना का पूरा भुगतान नहीं किया गया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी विस्तृत तकनीकी जांच, निर्माण सामग्री की जांच रिपोर्ट या पुल के उद्घाटन की नई तारीख का उल्लेख नहीं है। ऐसे में क्षति का वास्तविक कारण आधिकारिक निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्थानीय लोगों की मांग है कि मरम्मत के साथ पूरे पुल और एप्रोच पथ की गुणवत्ता की जांच भी कराई जाए।