देवघर जिले में फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से साइबर ठगी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। देवघर साइबर थाना और मधुपुर थाना की संयुक्त टीम ने बुधवार को मधुपुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपितों के पास से छह मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद करने की जानकारी दी है।
गिरफ्तार आरोपितों में मधुपुर थाना क्षेत्र के बयिाही गड्हा निवासी अनिश दास, सारठ थाना क्षेत्र के खरना गांव निवासी सुमेश महरा, जसीडीह थाना क्षेत्र के रोहिणी अजान टोला निवासी राहुल दास और मधुपुर थाना क्षेत्र के गुनियासोल निवासी दिनेश दास शामिल हैं। पूछताछ के बाद चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, एसपी प्रवीण पुष्कर को संदिग्ध साइबर गतिविधियों के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम में पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार मंडल, मधुपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
कार्रवाई के बाद आरोपितों को पूछताछ के लिए साइबर थाने लाया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपितों ने साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। यह पुलिस की ओर से दी गई जानकारी है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपित खुद को गूगल पे, फोनपे और पेटीएम का कस्टमर केयर अधिकारी बताते थे। वे कैशबैक, पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर लोगों से संपर्क करते थे। आरोप है कि मोबाइल पर एपीके फाइल भेजकर उपकरण का एक्सेस हासिल किया जाता था और इसके बाद ठगी की जाती थी।
बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की अब जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इनके परीक्षण से साइबर ठगी से जुड़े अन्य सुराग मिल सकते हैं। प्रकरण में अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए आरोपों और संभावित अन्य कड़ियों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।