देवघर में सड़क हादसों को कम करने और यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों तथा ब्लैक स्पॉट पर तय समय में सुरक्षात्मक सुधार करने का निर्देश दिया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में शहरी परिवहन, यातायात, सड़क सुरक्षा और खनन से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों से जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान करने को कहा गया। इन स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय समयसीमा के भीतर पूरे करने होंगे। पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई और संबंधित विभागों तथा पुलिस पदाधिकारियों को आगे की कार्रवाई के निर्देश मिले।
यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया है। बिना हेलमेट वाहन चलाने, बाइक पर तीन लोगों के बैठने, तेज या लापरवाही से गाड़ी चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने और अनधिकृत वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। एएनपीआर कैमरों से निगरानी करते हुए ओवरस्पीडिंग और अन्य उल्लंघनों पर ऑनलाइन ई-चालान जारी करने का निर्देश दिया गया।
प्रशासन के अनुसार अगस्त 2026 में यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े 1,078 चालान काटे गए थे। इस दौरान 13 लाख 30 हजार 650 रुपये जुर्माना वसूला गया और एक मामले में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया गया। सभी सड़क दुर्घटनाओं का विवरण समय पर आईआरएडी या ईडीएआर पोर्टल पर दर्ज कराने को भी कहा गया है।
स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा के साथ नशा मुक्ति तथा साइबर अपराध पर संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले राहगीरों को गुड सेमेरिटन नीति के तहत मिलने वाले लाभ, कानूनी सुरक्षा और सम्मान के बारे में भी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में शहरी क्षेत्र में अवैध खनन रोकने के लिए चार चेकपोस्ट बनाने, बालू घाटों का औचक निरीक्षण करने और रोकड़ बही व चालान पंजी की जांच करने को कहा गया। एक ही चालान पर एक से अधिक बार खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की पहचान कर कार्रवाई तथा अवैध खनन में इस्तेमाल वाहनों पर जुर्माना लगाने और उन्हें निरुद्ध करने के निर्देश भी दिए गए।