देवघर जिले में स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर परिवहन विभाग ने निगरानी और वाहनों की जांच तेज कर दी है। विभाग सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, पूजा के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान जिला परिवहन पदाधिकारी विजय कुमार के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। इसके दायरे में स्कूल बसों के साथ वे निजी वाहन भी शामिल हैं, जिनसे बच्चों को स्कूल लाया और घर पहुंचाया जाता है। विभाग इन वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल कर रहा है।
परिवहन विभाग ने जिले के सभी निजी स्कूल संचालकों को अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है। उनसे कहा गया है कि बच्चों के आवागमन के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और स्कूल बसों तथा अन्य निजी वाहनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए।
विभाग की यह सख्ती हाल में सारवां और चित्रा में हुई घटनाओं के बाद सामने आई है। चित्रा में बच्चों को ले जा रहा एक मैजिक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उस हादसे में एक बच्ची की मौत हुई थी और कई अन्य बच्चे घायल हुए थे। विभाग अब ऐसी घटनाओं की वजह बनने वाली कमियों को समझने और उन्हें रोकने के उपायों पर जोर दे रहा है।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा है कि पूजा के बाद बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। नियम तोड़ने वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही गई है। हालांकि, जांच में अब तक कितने वाहन नियमों के विपरीत मिले हैं या किन वाहनों पर कार्रवाई हुई है, इसकी संख्या उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। नियमित जांच, स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी और अभिभावकों के साथ समन्वय को अभियान के प्रमुख हिस्सों के रूप में रखा गया है। आगे की कार्रवाई पूजा के बाद वाहन सुरक्षा नियमों के अनुपालन के आधार पर की जाएगी।