रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले धनबाद के 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र एलिंद कुमार सिन्हा के परिजनों को मिलने वाला मुआवजा बढ़ा दिया है। अदालत ने इसकी राशि 10.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 16.22 लाख रुपये कर दी। बढ़ी हुई राशि पर दावा याचिका दाखिल होने की तारीख से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी की अपील खारिज करते हुए यह आदेश दिया। बीमा कंपनी को बढ़ी हुई मुआवजा राशि छह सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश मिला है। एलिंद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे और उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड अच्छा था।
दुर्घटना के बाद एलिंद की मां पुष्पा सिन्हा और बहन पायल प्रिया ने मुआवजे के लिए दावा प्रस्तुत किया था। धनबाद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 27 मार्च 2015 को परिवार को 10.30 लाख रुपये देने का आदेश पारित किया था। बीमा कंपनी ने इसी निर्णय को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
अपील में कंपनी ने दलील दी थी कि दुर्घटना में शामिल ट्रक के चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। हाई कोर्ट ने कहा कि इस दावे को प्रमाणित करने की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की थी, लेकिन उसकी ओर से कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किया गया। इस आधार पर अदालत ने कंपनी की अपील स्वीकार नहीं की।
मुआवजे की नई गणना में अदालत ने इंजीनियरिंग छात्र की आय में भविष्य की संभावनाओं के मद में 40 प्रतिशत जोड़ा। इसके बाद आश्रितों के लिए मुआवजा 15.12 लाख रुपये निर्धारित किया गया। अदालत ने दोनों दावेदारों के लिए 40-40 हजार रुपये कंसोर्टियम मद में भी तय किए।
इसके अतिरिक्त अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रुपये और संपत्ति के नुकसान के मद में 15 हजार रुपये शामिल किए गए। इन सभी मदों को जोड़कर कुल मुआवजा 16.22 लाख रुपये हुआ। आदेश के अनुसार परिवार को मूल दावा दाखिल होने की तारीख से राशि के वास्तविक भुगतान तक छह प्रतिशत सालाना ब्याज भी मिलेगा।