धनबाद के गोधर में दो बार धंसी जमीन, सड़क और कई आवास क्षतिग्रस्त

कुसुंडा क्षेत्र की गोधर छह नंबर बीसीसीएल कॉलोनी और हवा चानक के पास साढ़े पांच घंटे के भीतर भू-धंसान की दो घटनाएं हुईं। प्रबंधन ने प्रभावित स्थलों की घेराबंदी कर दी है।

2 मिनट पढ़ें 1 बार पढ़ी गई
धनबाद के गोधर छह नंबर बीसीसीएल कॉलोनी में भू-धंसान से प्रभावित सड़क और आसपास का क्षेत्र

धनबाद के कुसुंडा क्षेत्र स्थित गोधर छह नंबर बीसीसीएल कॉलोनी और हवा चानक के पास शनिवार को साढ़े पांच घंटे के अंतराल में भू-धंसान की दो घटनाएं हुईं। पहली घटना सुबह करीब छह बजे हुई, जिसमें कॉलोनी के कई आवास क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क का एक हिस्सा धंस गया।

दूसरी घटना सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे हवा चानक के पास हुई। कॉलोनी की ओर जाने वाली मुख्य पीसीसी सड़क लगभग सात मीटर की परिधि में धंसकर करीब 35 फीट नीचे चली गई। घटना के बाद उस स्थान से तेजी से गैस का रिसाव होने की बात भी सामने आई है।

क्षेत्रीय प्रबंधन ने सुरक्षा को देखते हुए दोनों प्रभावित स्थानों की घेराबंदी करा दी है। प्रबंधन के अनुसार, धंसे हुए हिस्सों को मिट्टी और बालू से भरने की तैयारी है। गोधर से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित केंदुआडीह क्षेत्र पहले से भू-धंसान और गैस रिसाव से प्रभावित बताया गया है।

एनजीकेसी गोधर के प्रोजेक्ट ऑफिसर दिलीप कुमार के मुताबिक, गोधर छह नंबर का इलाका आग और भू-धंसान के कारण असुरक्षित हो चुका है। उन्होंने वहां रहने वाले लोगों से बेलगड़िया के सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित होने की अपील की है। उनके अनुसार, इलाके में कई वर्षों से भू-धंसान की घटनाएं होती रही हैं।

गोधर छह नंबर में पिछले ढाई महीने के दौरान जमीन धंसने या गोफ बनने की यह चौथी घटना बताई गई है। दोनों ताजा घटनाएं बंद खदान के तीन नंबर सीम क्षेत्र में हुईं। अब तक प्रभावित हुए स्थान धनबाद-चंद्रपुरा रेलवे लाइन से करीब 200 मीटर की दूरी पर बताए गए हैं।

कॉलोनी में लगभग 200 घर हैं। करीब 25 दिन पहले कॉलोनी के बीच जमीन धंसने के बाद बीसीसीएल प्रबंधन ने पांच परिवारों को बेलगड़िया स्थानांतरित किया था। हालांकि, कई परिवार अब भी सुरक्षित आवास मिलने की प्रतीक्षा में वहीं रह रहे हैं। ताजा घटनाओं के बाद इलाके में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा और स्थानांतरण का सवाल फिर प्रमुख हो गया है।