धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में मेले की तैयारी का विरोध, अभ्यर्थियों ने मांगा वैकल्पिक स्थान

रणधीर वर्मा स्टेडियम में डिजनीलैंड मेला लगाने की तैयारी के बीच स्थानीय लोगों और भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने प्रशासन को ज्ञापन देकर आयोजन के लिए दूसरा स्थान चुनने की मांग की है।

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धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में मेले के विरोध से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर

धनबाद शहर के गोल्फ ग्राउंड, जिसे रणधीर वर्मा स्टेडियम के नाम से भी जाना जाता है, में डिजनीलैंड मेला लगाने की तैयारी का स्थानीय लोगों और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने विरोध किया है। मैदान की नापी शुरू होने के बाद विरोध करने वाले लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मेले के लिए कोई वैकल्पिक स्थान तय करने की मांग रखी।

लोगों का कहना है कि शहर के बीच स्थित यह मैदान सुबह और शाम टहलने वालों, खिलाड़ियों तथा शारीरिक अभ्यास करने वाले युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। यहां फुटबॉल सहित अलग-अलग खेलों का अभ्यास होता है। पुलिस और अन्य सरकारी नौकरियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी भी दौड़ तथा नियमित अभ्यास के लिए इसी मैदान का उपयोग करते हैं।

स्थानीय निवासी अभय कुमार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में आशंका जताई गई है कि मेला लगने से मैदान का बड़ा हिस्सा लंबे समय तक दूसरी गतिविधियों में इस्तेमाल होगा। इससे खेलकूद और भर्ती परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो सकती है। अभ्यर्थियों का कहना है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए लगातार अभ्यास जरूरी है और जगह कम होने पर उनकी तैयारी बाधित होगी।

विरोध कर रहे लोगों ने मेले को पूरी तरह रोकने के बजाय उसे शहर के किसी दूसरे उपयुक्त मैदान में आयोजित करने का सुझाव दिया है। उनका तर्क है कि इससे मनोरंजन और मेले से जुड़े रोजगार की गतिविधियां जारी रह सकेंगी, जबकि गोल्फ ग्राउंड पर निर्भर खिलाड़ियों, अभ्यर्थियों और नियमित रूप से टहलने वाले लोगों को भी परेशानी नहीं होगी।

मामला धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन के संज्ञान में पहुंच गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस विषय पर एसीडीएम के साथ बैठक भी की गई है। प्रशासन ने माना है कि शहर में अन्य मैदान मौजूद हैं और ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां मेले का आयोजन कराया जा सके।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि मेले से जुड़े लोगों के रोजगार की जरूरत के साथ खेल और बहाली की तैयारी करने वाले युवाओं की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा। फिलहाल अंतिम आयोजन स्थल को लेकर निर्णय सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों और अभ्यर्थियों की निगाह अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।