धनबाद जिले में बीसीसीएल एरिया-10 के लिलोरी पथरा बालूगद्दा इलाके में अचानक जमीन धंसने से एक बड़ा गोफ बन गया। यह भू-धंसान स्थानीय निवासी सुमित कुमार के घर के दरवाजे के सामने हुआ। घटना के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई और क्षेत्र में रह रहे परिवारों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सुमित कुमार के अनुसार, घर के पास हो रहे विवाद का शोर सुनकर वह बाहर निकले थे। इसी दौरान उन्हें धमाके जैसी तेज आवाज सुनाई दी। लौटने पर घर के पास जमीन धंसी हुई और बड़ा गड्ढा बना मिला। स्थानीय लोगों ने घटना के बाद आसपास के कुछ घरों में दरारें दिखाई देने की बात भी कही है।
इलाके के निवासियों का दावा है कि गोफ बनने के बाद वहां जहरीली गैस का रिसाव हो रहा है और जमीन के नीचे आग धधक रही है। इन दावों की किसी तकनीकी जांच या आधिकारिक पुष्टि का विवरण उपलब्ध नहीं है। खतरे की आशंका के बीच कई परिवार जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित ठिकाने की तलाश करने लगे हैं।
स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि असुरक्षित क्षेत्र में रह रहे परिवारों को बिना देरी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए। ग्रामीणों ने कतरास के सोनारडीह और छाताबाद की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संभावित जोखिम को देखते हुए पहले से एहतियाती कदम उठाए जाने चाहिए।
निवासियों के मुताबिक, क्षेत्र के 182 प्रभावित लोगों की सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है, लेकिन सभी परिवारों का पुनर्वास नहीं हुआ है। उन्होंने सूची में शामिल परिवारों को तत्काल बसाने के साथ छूट गए प्रभावित परिवारों का दोबारा सर्वे कराने की मांग रखी। लोगों का कहना है कि असुरक्षित घर छोड़ने की स्थिति में उनके सामने रहने की वैकल्पिक व्यवस्था का संकट भी है।
झरिया के अंचल अधिकारी मनोज कुमार ने क्षेत्र में एक स्थान पर भू-धंसान होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुनर्वास के संबंध में बीसीसीएल के महाप्रबंधक से कहा गया है और प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। फिलहाल प्रभावित परिवार प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से शीघ्र सुरक्षित व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं।