धनबाद के सरकारी स्कूलों को मिलेगा वार्षिक विकास अनुदान, राज्य ने रखा 66 करोड़ का बजट

वित्तीय वर्ष 2026-27 में छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को 10 हजार से एक लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। धनबाद के 12 स्कूलों में पेयजल और शौचालय निर्माण को भी मंजूरी मिली है।

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धनबाद जिले के सरकारी स्कूलों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में वार्षिक विद्यालय विकास अनुदान मिलने की तैयारी है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की पहल के तहत राशि छात्र संख्या के आधार पर दी जाएगी। राज्य मुख्यालय ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 66 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्कूलों को यह वार्षिक अनुदान नहीं मिला था। इसके कारण चॉक, डस्टर, रजिस्टर, कैशबुक और दूसरी शैक्षिक सामग्रियों की उपलब्धता प्रभावित हुई। स्कूलों के शौचालय और अन्य रखरखाव कार्यों पर भी असर पड़ा तथा शिक्षकों को कुछ खर्च स्वयं उठाना पड़ा।

प्रस्तावित व्यवस्था में 30 विद्यार्थियों तक नामांकन वाले स्कूलों को 10 हजार रुपये और 31 से 100 विद्यार्थियों वाले स्कूलों को 25 हजार रुपये मिलेंगे। 101 से 250 विद्यार्थियों वाले विद्यालयों के लिए 50 हजार रुपये की अनुदान राशि निर्धारित की गई है।

एक हजार विद्यार्थियों तक नामांकन वाले स्कूलों को 75 हजार रुपये दिए जाएंगे। एक हजार से अधिक नामांकित विद्यार्थियों वाले विद्यालयों को एक लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। इस राशि से विद्यालयों को नियमित शैक्षिक सामग्री जुटाने और रखरखाव संबंधी जरूरतें पूरी करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

धनबाद में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े अलग कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। सिविल वर्क के तहत जिले के सात स्कूलों में पेयजल सुविधा विकसित की जाएगी, जबकि पांच स्कूलों में बालकों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। इस प्रकार जिले के कुल 12 विद्यालय इन स्वीकृत निर्माण कार्यों के दायरे में आएंगे।

पिछले वित्तीय वर्ष में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केवल हाई स्कूल और प्लस टू स्कूलों को राशि मिली थी। अब वार्षिक विकास अनुदान मिलने की सूचना से अन्य सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को भी राहत की उम्मीद है। राशि का वितरण तय नामांकन श्रेणियों के अनुसार किया जाना है।