धनबाद जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की न्यास परिषद की बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति और पेयजल व्यवस्था पर जनप्रतिनिधियों ने कई सवाल उठाए। बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने जिले में 10 हजार चापाकलों की मरम्मत कराने की जानकारी दी। निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें क्षेत्र में मरम्मत का काम दिखाई नहीं दिया।
बैठक में मौजूद कई मुखिया ने भी चापाकलों की मरम्मत से जुड़ी समस्याएं रखीं। उनका कहना था कि शिकायत लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर अपेक्षित सुनवाई नहीं होती। इस पर उप विकास आयुक्त ने बताया कि अकेले निरसा में 819 चापाकलों की मरम्मत कराई गई है। उन्होंने जिले भर में हुए कार्यों की सूची उपलब्ध कराने की बात कही।
कुछ जनप्रतिनिधियों ने ग्रामसभा की प्राथमिकताओं को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। बैठक में मैथन जलमीनार की समस्या और बीसीसीएल क्षेत्र में विकास कार्यों की कमी पर चर्चा हुई। पेयजल की डीप बोरिंग योजनाओं के आवंटन को लेकर भी सवाल रखे गए।
उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर 2,536 नई योजनाओं के अनुमोदन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें 70 प्रतिशत योजनाएं पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला एवं बाल कल्याण तथा कौशल विकास जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से संबंधित हैं। शेष 30 प्रतिशत प्रस्ताव सड़क, ऊर्जा और दूसरी आधारभूत सुविधाओं के लिए हैं।
शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 140 विद्यालयों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 391 चयनित सरकारी विद्यालयों के नवीनीकरण पर काम चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक 87 विद्यालयों में आधुनिक फर्नीचर, स्मार्ट कक्षा, कंप्यूटर, पुस्तकालय और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जबकि 413 अन्य विद्यालयों में ऐसी व्यवस्था प्रस्तावित है।
बैठक में 419 नए आंगनबाड़ी भवनों की योजना और वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक 82.5 प्रतिशत केंद्रों को पक्के भवनों में संचालित करने के लक्ष्य की जानकारी भी दी गई। पेयजल कार्यों के तहत 7,901 ट्यूबवेल के नियमित रखरखाव, 2,405 राइजर पाइप, 97 उच्च क्षमता वाले ट्यूबवेल और 566 विशेष मरम्मत कार्य पूरे होने का दावा किया गया। उपायुक्त ने शिकायत मिलने पर दो से तीन दिनों में जांच दल भेजकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।