धनबाद के झरिया-कतरास मोड़ पर हुई बैठक में झारखंड कोयला व्यवसायी संघ ने लघु उद्योगों के लिए कम दर पर आवंटित कोयले के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई। संघ के अध्यक्ष राम अनुज सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यवसायियों ने इस व्यवस्था से स्थानीय कारोबार पर पड़ रहे असर पर चर्चा की।
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बीसीसीएल की ओर से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के लघु उद्योगों को स्टेट एजेंसी के माध्यम से मिलने वाला कुछ कोयला निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। उनके अनुसार, सस्ते लिंकेज कोयले का एक हिस्सा स्थानीय बाजारों में कथित रूप से बेचा जा रहा है। इन दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
संघ का कहना है कि ऐसी कथित बिक्री के कारण धनबाद के स्थानीय कोयला व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यवसायियों ने बैठक में दावा किया कि उन्हें बीसीसीएल के ई-ऑक्शन से अपेक्षाकृत अधिक कीमत पर कोयला खरीदना पड़ता है, जबकि कम दर पर आवंटित कोयले की स्थानीय उपलब्धता बाजार में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करती है।
बैठक में इस विषय को संबंधित अधिकारियों और केंद्र सरकार के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया। संघ ने कहा कि वह बीसीसीएल प्रबंधन, कोल इंडिया लिमिटेड और केंद्रीय कोयला मंत्री को मांग पत्र सौंपेगा। उपलब्ध विवरण में मांग पत्र सौंपने की निश्चित तारीख या प्रस्तावित मांगों का विस्तृत प्रारूप नहीं बताया गया है।
व्यवसायियों ने चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर धनबाद के कोयला व्यवसायी संगठित आंदोलन कर सकते हैं। हालांकि, आंदोलन की तारीख, स्वरूप और आगे की कार्ययोजना अभी घोषित नहीं की गई है। बैठक में संघ से जुड़े कई स्थानीय व्यवसायी मौजूद रहे।
यह मामला फिलहाल व्यवसायी संघ की ओर से लगाए गए आरोपों और उठाई गई मांगों तक सीमित है। उपलब्ध जानकारी में बीसीसीएल, स्टेट एजेंसियों अथवा संबंधित सरकारी विभागों की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। आरोपों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए आवंटन, परिवहन और कोयले की वास्तविक आपूर्ति से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी।