धनबाद में गया पुल के चौड़ीकरण और नए रेल अंडरब्रिज (आरयूबी) के निर्माण का काम फिलहाल अटका हुआ है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजना से जुड़ी संशोधित तकनीकी ड्रॉइंग और रास्ते में मौजूद बिजली के खंभों की शिफ्टिंग पूरी नहीं होने के कारण धरातल पर काम आगे नहीं बढ़ पाया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि गया पुल चौड़ीकरण के रास्ते में आने वाले बिजली के खंभों को हटाने के लिए रेलवे, पथ निर्माण विभाग और झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के बीच सहमति बन चुकी थी। पोल शिफ्टिंग के लिए रेलवे ने अनुमानित बजट 19 सितंबर 2025 को पथ निर्माण विभाग को सौंपा था। यह राशि बिजली बोर्ड को उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन खंभों को हटाने का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है।
परियोजना का दूसरा लंबित पहलू भूमिगत उपयोगिता सुरंग की ड्रॉइंग से जुड़ा है। यह सुरंग प्रस्तावित नए आरयूबी और मौजूदा गया पुल के बीच पाइपलाइन बिछाने के लिए तैयार की जानी है। पथ निर्माण विभाग ने इसका जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग 13 मार्च 2026 को रेलवे को दिया था।
रेलवे ने ड्रॉइंग की जांच के बाद उसमें कुछ सुधार करने को कहा था। सुधार के बिंदुओं पर चर्चा के लिए पथ निर्माण विभाग के प्रतिनिधियों को बैठक में बुलाया गया, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वे उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद रेलवे ने आठ जून 2026 को ड्रॉइंग विभाग को वापस कर दी थी।
उपलब्ध जानकारी में कहा गया है कि इसके बाद संशोधित ड्रॉइंग रेलवे को नहीं सौंपी गई। इस कारण पाइपलाइन और उपयोगिता सुरंग से संबंधित तकनीकी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। पोल शिफ्टिंग भी लंबित रहने से निर्माण शुरू करने की आवश्यक तैयारियां अधूरी हैं।
रिपोर्ट में परियोजना के लिए कोई नई समयसीमा या काम दोबारा शुरू होने की निश्चित तारीख नहीं बताई गई है। फिलहाल आगे की प्रगति संशोधित ड्रॉइंग सौंपे जाने और बिजली के खंभों की शिफ्टिंग पूरी होने पर निर्भर दिखाई देती है।