लातेहार के भोखाखांड टोला में सड़क, बिजली और पेयजल का अभाव; ग्रामीणों ने मांगी बुनियादी सुविधाएं

तरवाडीह पंचायत के भोखाखांड टोला के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, बिजली, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवा और पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं अब भी उपलब्ध नहीं हैं।

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लातेहार सदर प्रखंड की तरवाडीह पंचायत के भोखाखांड टोला में रहने वाले ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा और आवास की कमी का मुद्दा उठाया है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित इस टोले में लगभग 25 परिवार रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बुनियादी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, टोले को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए पक्की सड़क तो दूर, कच्चा रास्ता भी नहीं बनाया गया है। लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर पहाड़ी रास्ते पर पैदल चलना पड़ता है। बारिश के दौरान इसी रास्ते से आवाजाही अधिक कठिन और जोखिमपूर्ण हो जाती है।

टोले में बिजली की नियमित सुविधा नहीं होने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी गणेश रजक के प्रयास से लगाई गई सोलर लाइट कई महीनों से खराब है। इसके कारण शाम होते ही टोला अंधेरे में डूब जाता है और लोगों को टॉर्च के सहारे आना-जाना पड़ता है।

स्वास्थ्य सेवाओं की अनुपलब्धता को ग्रामीणों ने गंभीर चिंता बताया है। उनके मुताबिक, गांव में न स्वास्थ्य केंद्र है और न नर्स या नियमित स्वास्थ्यकर्मी की व्यवस्था। किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से बीमार होने पर उसे पहाड़ी रास्ते से नीचे ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि पिछले करीब 15 दिनों में तीन बच्चों की मौत हुई है, हालांकि उपलब्ध विवरण में इन मौतों के कारण स्पष्ट नहीं किए गए हैं।

स्थानीय परिवार मुख्य रूप से खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टोले में किसी परिवार को अब तक पक्के आवास का लाभ नहीं मिला है। यहां एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान में केवल पांच बच्चे वहां पढ़ने जाते हैं।

सुमंती, सालोमी हेरहंज, रेखा नगेसिया और पतरस नगेसिया समेत ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा और आवास की व्यवस्था करने का आग्रह किया है। उपलब्ध रिपोर्ट में ग्रामीणों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल किए जाने का आश्वासन मिलने की बात कही गई है, लेकिन किसी निश्चित समयसीमा का उल्लेख नहीं है।