धनबाद में ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई से नाराज ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने शुक्रवार को धनबाद थाना के पास मुख्य सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे चालकों ने जब्त वाहनों को शीघ्र छोड़ने और पिछले दो दिनों में की गई कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग रखी। सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की।
प्रदर्शन कर रहे चालकों का दावा है कि ट्रैफिक पुलिस ने दो दिनों के दौरान करीब 300 ई-रिक्शा और ऑटो जब्त कर थाना परिसर में खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि वाहनों पर कार्रवाई की स्पष्ट वजह नहीं बताई जा रही। यह संख्या और कार्रवाई से जुड़े आरोप प्रदर्शनकारियों के बयान पर आधारित हैं।
चालकों के अनुसार, कुछ वाहन मालिक चालान की राशि जमा करने के बाद भी वाहन छुड़ाने के लिए परेशान हैं। उनका कहना है कि नियमों के उल्लंघन पर चालान किया जा सकता है, लेकिन बड़ी संख्या में वाहनों को पकड़कर थाना परिसर में रखना उचित नहीं है। उन्होंने सड़क से वाहनों को सीधे थाने भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई।
वाहन जब्त रहने से चालकों ने अपनी रोजाना की कमाई प्रभावित होने की बात कही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ई-रिक्शा और ऑटो का परिचालन बंद रहने से उनके लिए परिवार का खर्च उठाना कठिन हो रहा है। इसी समस्या को सामने रखने के लिए वे सड़क पर उतरे और ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों ने जब्त किए गए वाहनों को तत्काल छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि उनकी शिकायतों का समाधान होना चाहिए। चालकों ने चेतावनी दी कि समस्या का हल नहीं निकलने पर वे आगे भी आंदोलन कर सकते हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से वाहनों की जब्ती के कारण या चालकों की मांगों पर किसी औपचारिक निर्णय का उल्लेख नहीं है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम समाप्त कराने के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने और उनसे बातचीत करने का प्रयास किया। पुलिस स्थिति सामान्य बनाने में जुटी रही। खबर में जाम पूरी तरह हटने, यातायात बहाल होने या जब्त वाहनों को छोड़ने के संबंध में अंतिम परिणाम की पुष्टि नहीं की गई है।