धनबाद में पांडरपाला और बारामुड़ी खटाल में रहने वाले परिवारों को हटाए जाने की आशंका के बीच कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त आदित्य रंजन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने और प्रभावित परिवारों के हितों का ध्यान रखने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि दोनों इलाकों में गरीब परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। नेताओं ने आशंका जताई कि किसी उचित वैकल्पिक व्यवस्था के बिना उन्हें हटाया गया तो उनके सामने आवास और आजीविका से जुड़ा गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का अनुरोध किया।
ज्ञापन के माध्यम से प्रभावित लोगों के लिए उचित कदम उठाने की मांग रखी गई। मुलाकात के दौरान उपायुक्त ने इस विषय में सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। हालांकि उपलब्ध विवरण में किसी कार्रवाई को रोकने, पुनर्वास की व्यवस्था करने या परिवारों को दूसरी जगह बसाने से संबंधित कोई औपचारिक निर्णय दर्ज नहीं है।
उपायुक्त ने खटाल संचालकों से पक्का निर्माण नहीं करने की अपील भी की। इसके साथ ही मवेशियों को सड़क पर खुला नहीं छोड़ने को कहा गया। प्रशासन की ओर से दिए गए इन निर्देशों में सार्वजनिक रास्तों के उपयोग और खटाल संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों पर ध्यान दिलाया गया है।
प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह के साथ मनोज यादव, रमेश जिंदल, योगेंद्र सिंह योगी, दिनेश यादव, ऋषिकांत यादव, मृत्युंजय सिंह और जहीर अंसारी सहित अन्य नेता शामिल थे। फिलहाल प्रभावित परिवारों की वैकल्पिक व्यवस्था और अतिक्रमण संबंधी आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।