देवघर कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े चारा घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद की अपील पर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार से नियमित सुनवाई शुरू होनी है। यह अपील सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को चुनौती देते हुए दायर की गई है। अदालत अब इस मामले की प्रतिदिन सुनवाई करेगी।
मामला आरसी 64ए/1996 से संबंधित है। सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद को दोषी ठहराते हुए साढ़े तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट उन्हें पहले ही जमानत दे चुका है, जबकि दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देने वाली अपील पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की पीठ ने सोमवार को मामले की आंशिक सुनवाई की थी। इसी दौरान अदालत ने मंगलवार से अपील पर रोज सुनवाई करने की व्यवस्था स्पष्ट की। नियमित सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष निचली अदालत के फैसले और मुकदमे से जुड़े अभिलेखों के आधार पर अपनी दलीलें रखेंगे।
पिछली सुनवाई में लालू प्रसाद की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं और सीबीआई के वकीलों ने अदालत के सामने कहा था कि अंतिम बहस से पहले पेपर बुक तैयार होना जरूरी है। पेपर बुक में मुकदमे के प्रमुख दस्तावेज और रिकॉर्ड व्यवस्थित किए जाते हैं, ताकि सुनवाई के समय उनका संदर्भ लिया जा सके।
अदालत ने पाया कि निचली अदालत से आया रिकॉर्ड काफी बड़ा है और उसकी हार्ड कॉपी सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराना संभव नहीं है। अभिलेखों की इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपील की सुनवाई नियमित रूप से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
प्रतिदिन सुनवाई शुरू होने से लंबे समय से लंबित अपील की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सुनवाई के संभावित परिणाम या निर्णय की कोई समयसीमा नहीं बताई गई है। आगे की स्थिति अदालत में दोनों पक्षों की बहस और प्रस्तुत रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट होगी।