धनबाद में बारिश से मोहल्लों की सड़कें बदहाल, 100 से अधिक निगम योजनाएं लंबित

चार दिनों की रुक-रुककर हुई बारिश के बाद धनबाद के कई इलाकों में सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया है। माइनिंग चालान विवाद के बीच मरम्मत और निर्माण की 100 से अधिक योजनाएं लंबित बताई गई हैं।

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धनबाद में बीते चार दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश ने शहर की अंदरूनी सड़कों की हालत बिगाड़ दी है। कई मोहल्लों में सड़कें टूटने के साथ गहरे गड्ढे बन गए हैं। इनमें पानी भर जाने से राहगीरों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पा रहा और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, न्यू कार्मिक नगर, तेलीपाड़ा रोड और सहयोगी नगर की अंदरूनी सड़कों पर स्थिति अधिक खराब है। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण बारिश के दौरान इन मार्गों पर परेशानी बढ़ गई है। फिसलने या पानी से भरे गड्ढों में गिरने की घटनाएं भी सामने आने की बात कही गई है।

धैया भेलाटांड़ बस्ती से न्यू कार्मिक नगर की ओर जाने वाली सड़क पर भी पानी जमा है। आसपास के लोग इसी मार्ग से धनबाद-सरायढेला मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। जलजमाव और क्षतिग्रस्त सतह के कारण इस हिस्से में खासकर पैदल यात्रियों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।

जयप्रकाश नगर मुख्य सड़क से सर्वेश्वरी आश्रम तक का रास्ता भी जगह-जगह बने गड्ढों के कारण प्रभावित बताया गया है। बारिश का पानी भरने पर सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती। इससे मोहल्लों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाले रास्तों पर सामान्य आवागमन कठिन हो गया है।

सड़क मरम्मत में देरी के पीछे नगर निगम से जुड़े कार्यों में माइनिंग चालान का विवाद बताया गया है। राज्य सरकार ने संवेदकों के लिए बालू, गिट्टी और ईंट से संबंधित चालान अनिवार्य किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, संवेदक इसका विरोध कर रहे हैं और बालू का चालान नहीं मिलने के कारण कई नए काम शुरू नहीं हो पा रहे हैं।

नगर निगम से समझौता होने के बाद भी कई संवेदकों ने काम आरंभ नहीं किया है। निगम की 100 से अधिक योजनाएं लंबित होने की जानकारी दी गई है। ऐसे में लगातार बारिश से क्षतिग्रस्त हो रही सड़कों की मरम्मत का इंतजार बढ़ गया है और शहर के विभिन्न वार्डों के लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है।