धनबाद में बीमा पॉलिसी विवाद पर बैंक अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी, जांच शुरू

ग्राहक ने बीमा पॉलिसी में कुल 9.27 लाख रुपये जमा कराने के लिए कथित रूप से गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। न्यायालय के निर्देश पर धनबाद थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया।

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धनबाद में बीमा पॉलिसी विवाद से जुड़े मामले की प्रतीकात्मक तस्वीर

धनबाद में बीमा पॉलिसी से जुड़े एक विवाद में बैंक ऑफ इंडिया के दो अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। धैया निवासी संजय कुमार गुप्ता की शिकायत पर न्यायालय ने मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद धनबाद थाना पुलिस ने एक सितंबर को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी जांच होनी है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने पॉलिसी को लाभकारी बताते हुए उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने आरोप लगाया है कि पॉलिसी की शर्तों और रकम वापस लेने की स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई। मामले में बैंक के शाखा प्रबंधक राजेश कुमार कुशवाहा और बैंककर्मी दीपक कुमार मंडल को आरोपी बनाया गया है।

शिकायत में बताया गया है कि संजय कुमार गुप्ता ने वर्ष 2021 में 3 लाख 13 हजार 500 रुपये जमा किए। इसके बाद 2022 और 2023 में 3 लाख 6 हजार 750 रुपये की एक-एक किस्त जमा की गई। इस तरह पॉलिसी में कुल 9 लाख 27 हजार रुपये जमा करने का दावा किया गया है।

विवाद उस समय सामने आया, जब शिकायतकर्ता को रुपये की आवश्यकता पड़ी और उन्होंने पॉलिसी बंद कर रकम वापस मांगी। उनके मुताबिक, तब उन्हें बताया गया कि पॉलिसी सरेंडर करने पर करीब 4 लाख 92 हजार रुपये ही मिलेंगे। शिकायतकर्ता ने इस अंतर पर आपत्ति जताते हुए गलत जानकारी देकर निवेश कराने का आरोप लगाया।

शिकायतवाद में यह भी आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने पॉलिसी जारी रखने की सलाह दी थी और उन्हें ऐसी पॉलिसी कराने पर कमीशन मिलता है। ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं; इनकी पुष्टि पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। उपलब्ध विवरण में आरोपी पक्ष की प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने फरवरी 2026 में अधिवक्ता के माध्यम से बैंक प्रबंधन को कानूनी नोटिस भेजा था। बाद में स्मरण पत्र देकर समाधान का प्रयास भी किया गया, लेकिन संतोषजनक पहल नहीं हुई। इसके बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में शिकायतवाद दायर किया गया। न्यायालय के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब धनबाद पुलिस दस्तावेजों और आरोपों की जांच कर रही है।