सरायकेला-खरसावां जिले में नदी घाटों से बालू के अवैध उठाव, भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक में अब तक की कार्रवाई की समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि नदी घाटों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित नजर रखी जाए। जांच के दौरान अवैध गतिविधि मिलने पर संबंधित व्यक्तियों और वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार जांच कर खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखने को कहा गया है।
पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी ने सभी थाना प्रभारियों को अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय कर कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। इसके तहत पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें नियमित जांच तथा औचक छापेमारी करेंगी। अवैध बालू या पत्थर के उत्खनन और परिवहन का मामला सामने आने पर प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा गया।
जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर शतपथी ने समीक्षा के दौरान बताया कि 27 सितंबर से 28 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान में लगभग 30 हजार सीएफटी अवैध बालू जब्त किया गया। नियमों के उल्लंघन के मामलों में 8.67 लाख रुपये राजस्व की वसूली हुई और एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
टास्क फोर्स ने गम्हरिया, सापड़ा, ईचागढ़ और कुकड़ू सहित अधिक संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान देने को कहा है। खनिज परिवहन के संभावित रास्तों और संवेदनशील मार्गों की पहचान कर वहां नियमित जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। अवैध खनन से जुड़ी गुप्त सूचना मिलने पर उसका तत्काल जमीनी सत्यापन करने को भी कहा गया।
बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, सरायकेला और चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। सभी अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। प्रशासन का जोर विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई और जिले में अवैध खनिज कारोबार पर नियमित नियंत्रण स्थापित करने पर रहा।