धनबाद में सीआईएसएफ के दो तत्कालीन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का केस, सीबीआई ने शुरू की जांच

बीसीसीएल की कोयला नगर स्थित सीआईएसएफ यूनिट से जुड़े मामले में सीबीआई की धनबाद एसीबी ने दो तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत के साथ दी गई पेन ड्राइव में तीन ऑडियो क्लिप होने की बात कही गई है।

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धनबाद में सीआईएसएफ अधिकारियों से जुड़े मामले की जांच करती सीबीआई का सांकेतिक दृश्य

धनबाद में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की बीसीसीएल कोयला नगर यूनिट से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के मामले में सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट ओम कुमार तंवर और तत्कालीन इंस्पेक्टर राजलक्ष्मी वर्मा पर लगाए गए हैं। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच, धनबाद ने केस दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी है।

प्राथमिकी में दर्ज विवरण के मुताबिक, मामला ऑल इंडिया कोल माइंस यूनियन, झारखंड के मदन सिंह की लिखित शिकायत से शुरू हुआ। शिकायत में सीआईएसएफ की संबंधित यूनिट के कुछ अधिकारियों और कर्मियों पर अनुचित गतिविधियों तथा भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। इसके साथ एक पेन ड्राइव भी सौंपी गई थी, जिसमें तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग होने की बात कही गई है।

शिकायत सीआईएसएफ मुख्यालय तक पहुंचने के बाद विभागीय जांच कराई गई। सीबीआई के केस में उल्लेख है कि इस जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आई। पेन ड्राइव की रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाजों को दोनों तत्कालीन अधिकारियों की आवाज से मिलती-जुलती बताया गया है। इन दावों की सत्यता अब जांच का विषय है।

सीआईएसएफ मुख्यालय, नई दिल्ली के सीवीओ एवं आईजी (पर्सनल) जोस मोहन ने 25 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की थी। उनकी शिकायत के साथ मूल आवेदन, पेन ड्राइव और सीडी को भी प्राथमिकी का हिस्सा बनाया गया है। इसी सामग्री के आधार पर सीबीआई ने नियमित केस दर्ज किया।

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) लगाई गई है। ये प्रावधान क्रमशः लोक सेवक से जुड़े भ्रष्टाचार के अपराध और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं। प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों का अंतिम निष्कर्ष नहीं है और जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी।

सीबीआई एसीबी धनबाद ने मामले की जांच डीएसपी विकास कुमार पाठक को सौंपी है। जांच में लिखित शिकायत, तीनों ऑडियो क्लिप, सीडी, विभागीय जांच रिपोर्ट और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। उपलब्ध विवरण में जांच के किसी अंतिम परिणाम या आरोपों के सिद्ध होने की जानकारी नहीं दी गई है।