जमशेदपुर में 700 करोड़ रुपये से अधिक के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की है। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई परिसरों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान जमशेदपुर के कारोबारी ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया गया।
तलाशी अभियान के तहत जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित आवास के साथ बर्मामाइंस, जुगसलाई और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में कारोबारी से जुड़े बताए गए परिसरों की जांच की गई। पश्चिम बंगाल में भी एक ठिकाने पर कार्रवाई हुई। जांच पूरी होने तक संबंधित परिसरों में बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित रखी गई और सुरक्षा के इंतजाम किए गए।
गिरफ्तारी के बाद देर रात दोनों को चिकित्सकीय जांच के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसके बाद उन्हें रांची ले जाए जाने की संभावना जताई गई। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और एजेंसी की ओर से औपचारिक विवरण सामने आने का इंतजार है।
जांच का केंद्र ऐसी कंपनियों और फर्मों का कथित नेटवर्क है, जिनके माध्यम से वास्तविक माल की आपूर्ति के बिना चालान जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने और उसे आगे बढ़ाने का आरोप है। ईडी कारोबारी लेन-देन तथा खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
एजेंसी कथित फर्जी बिलिंग से जुड़े वित्तीय लेन-देन और जीएसटी क्रेडिट के संभावित गलत इस्तेमाल की जांच कर रही है। कोलकाता से जुड़े कुछ कारोबारियों और कथित सिंडिकेट की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है। हालांकि, तलाशी के अंतिम नतीजे और जांच के दायरे में आई संपत्तियों, कंपनियों तथा लेन-देन की विस्तृत स्थिति एजेंसी की आगे की आधिकारिक जानकारी से ही स्पष्ट होगी।