धनबाद में स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ का अलर्ट, दो उपभोक्ताओं पर जुर्माना और प्राथमिकी

गांधीनगर में दो स्मार्ट मीटरों की सील से छेड़छाड़ का संकेत केंद्रीय सर्वर तक पहुंचा। विभागीय जांच के बाद कुल 1,08,050 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

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धनबाद में बिजली विभाग की डिजिटल निगरानी से स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ का मामला सामने आया

धनबाद के गांधीनगर में स्मार्ट बिजली मीटरों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। विभाग के मुताबिक, दो घरों में लगे मीटरों की सील टूटने की गतिविधि डिजिटल निगरानी प्रणाली में दर्ज हुई और इसका अलर्ट मुख्यालय को मिल गया। इसके बाद झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों मीटरों की जांच की।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जांच में मीटरों की सील से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई। आरोप है कि बिजली की खपत कम दर्ज कराने के उद्देश्य से मीटरों को धीमा करने की कोशिश की गई थी। स्मार्ट मीटर के भीतर लगी चिप और केंद्रीय सर्वर से जुड़ी निगरानी व्यवस्था के कारण कथित गड़बड़ी की सूचना विभाग को मिल सकी।

सहायक अभियंता सुजीत कुमार के अनुसार, स्मार्ट मीटर की गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी होती है। सील टूटने जैसी घटना का समय और उससे जुड़ा डिजिटल रिकॉर्ड सर्वर पर दर्ज हो जाता है। इसी रिकॉर्ड से मिले संकेत के आधार पर विभागीय टीम को उपभोक्ताओं के परिसरों में जांच के लिए भेजा गया था।

जांच के बाद एक उपभोक्ता पर 43,226 रुपये और दूसरे पर 64,824 रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों राशियों को जोड़ने पर कुल जुर्माना 1,08,050 रुपये होता है। विभाग ने दोनों परिसरों की बिजली आपूर्ति काटने के साथ स्थानीय थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई।

बाद में दोनों उपभोक्ताओं ने निर्धारित जुर्माना राशि जमा कर दी। भुगतान के बाद उनके घरों में नए स्मार्ट मीटर लगाए गए। उपलब्ध विवरण में प्राथमिकी की आगे की कानूनी स्थिति या किसी न्यायिक कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है।

अधीक्षण अभियंता संजय बेसरा ने कहा कि स्मार्ट मीटरों की प्रतिदिन ऑनलाइन निगरानी की जाती है, इसलिए छेड़छाड़ की सूचना शीघ्र मिल सकती है। यह मामला धनबाद में स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ पकड़े जाने की पहली घटना बताया गया है। विभाग ने उपभोक्ताओं को मीटर की सील या उपकरण से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने की चेतावनी दी है।