धनबाद में आईआईटी आईएसएम के आसपास खाद्य सुरक्षा विभाग ने शनिवार को लगातार तीसरे दिन जांच अभियान चलाया। इस दौरान 20 प्रतिष्ठानों से कुल 40 नमूने लेकर उनकी जांच की गई। विभाग के अनुसार, पांच दुकानों के छह खाद्य पदार्थों में मिलावट पाई गई।
नमूनों की जांच मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से की गई। अभियान में हल्दी पाउडर, चटनी, पनीर और बेसन के लड्डू की गुणवत्ता में गड़बड़ी सामने आई। जांच के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
विभागीय जांच में धुंकी कैफे का पनीर, जीएस भाई चाप और एनएच-32 की हल्दी तथा कारु भुंजा की हल्दी और बेसन के लड्डू में मिलावट मिलने की बात कही गई। कार्रवाई के दौरान मिलावटी पनीर और प्रतिबंधित रंग वाले खाद्य पदार्थों को नष्ट भी कराया गया।
निरीक्षण में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के अलावा रसोई और भंडारण व्यवस्था भी देखी गई। न्यू टेस्टी बाइट की रसोई में चूहे मिलने और प्रतिष्ठान का लाइसेंस समाप्त होने की जानकारी सामने आई। ओसारा एक्सप्रेस में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन एक साथ रखा पाया गया।
अभियान के दौरान कई दुकानों में खाद्य लाइसेंस प्रदर्शित नहीं होने की बात भी दर्ज की गई। यह कार्रवाई धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर की गई। जांच में मिली कमियों को लेकर संबंधित प्रतिष्ठानों की जवाबदेही तय करने की तैयारी है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजा कुमार ने संबंधित दुकानों को नोटिस जारी करने और जुर्माना लगाने की अनुशंसा की है। अभियान के निष्कर्षों से त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और अलग-अलग प्रकार के भोजन के सुरक्षित भंडारण की जरूरत फिर सामने आई है।