रांची जिले के नगड़ी प्रखंड में जल जीवन मिशन के तहत आवंटित 42 योजनाओं में से अब तक केवल तीन का काम पूरा हुआ है। शेष 39 योजनाओं का निर्माण लंबे समय से बंद बताया गया है। इस स्थिति को देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, रांची पश्चिम ने संबंधित निर्माण एजेंसी को एक सप्ताह के भीतर लंबित कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है।
विभागीय प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार, मेसर्स श्री सिद्धि विनायक डेवलपर्स को नगड़ी में एसवीएस क्लस्टर 5ए के अंतर्गत काम सौंपा गया था। इसके लिए 16 अगस्त 2023 को एकरारनामा हुआ था और सभी कार्य पूरे करने की निर्धारित अंतिम तारीख 15 मई 2024 थी। समय सीमा गुजरने के बाद भी अधिकतर योजनाएं पूरी नहीं हो सकीं।
सहायक अभियंता और कनीय अभियंता से मिले प्रतिवेदन में योजनाओं की भौतिक प्रगति 7.14 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसी रिपोर्ट में विलंब की अवधि 308 प्रतिशत बताई गई है। काम की धीमी गति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
विभाग का कहना है कि एजेंसी को इससे पहले भी पत्रों और ज्ञापनों के माध्यम से काम पूरा करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दिया। अब एजेंसी से कहा गया है कि वह बाकी सभी 39 योजनाओं में काम शुरू करे और तय अवधि के भीतर वास्तविक प्रगति प्रस्तुत करे।
अंतिम चेतावनी में विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक सप्ताह के भीतर काम की स्थिति नहीं सुधरी तो एजेंसी का एकरारनामा रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल विभाग ने अनुबंध रद्द नहीं किया है और एजेंसी को काम आगे बढ़ाने का अंतिम अवसर दिया गया है।
जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक पेयजल सुविधा पहुंचाना है। ऐसे में नगड़ी की लंबित योजनाओं की अगली प्रगति और विभागीय चेतावनी पर एजेंसी की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। एक सप्ताह की अवधि पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निर्माण दोबारा शुरू हुआ या विभाग अनुबंध संबंधी अगला कदम उठाता है।