गढ़वा जिले के नगर ऊंटारी अंचल में सरकारी जमीन की कथित अवैध जमाबंदी के मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी सुनील कुमार के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी। सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने जारी किया है। फिलहाल आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
झारखंड गजट के 14 अक्टूबर 2026 के असाधारण अंक संख्या 511 में प्रकाशित अधिसूचना के मुताबिक, यह कार्यवाही झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 43(ख) के तहत संचालित होगी। अधिसूचना में यह भी दर्ज है कि विभागीय कार्यवाही के प्रस्ताव को संबंधित विभागीय मंत्री की मंजूरी मिल चुकी है।
मामला नगर ऊंटारी अंचल के नटखोरिया कला, सरहसताल कला, गंगटी और जंगीपुर गांवों की जमीन से जुड़ा है। पूर्व अधिकारी पर आरोप है कि अनाबाद बिहार सरकार की जमीन की जमाबंदी रैयतों के नाम पर कथित रूप से की गई। बिना वाद दायर किए जमाबंदी को अद्यतन करने का आरोप भी विभाग के सामने रखा गया है।
विभाग ने प्राप्त आरोपों के साथ संबंधित अधिकारी के बचाव बयान की भी समीक्षा की। उपलब्ध विवरण के अनुसार, आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होने के बाद औपचारिक विभागीय कार्यवाही शुरू करने का फैसला लिया गया। इसका अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है; जांच में अभिलेखों और दोनों पक्षों से संबंधित तथ्यों का परीक्षण किया जाना बाकी है।
कार्यवाही के संचालन के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुनील कुमार को संचालन एवं जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, गढ़वा के अपर समाहर्ता को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है। जांच के दौरान जमीन की जमाबंदी से जुड़े रिकॉर्ड और आरोपों के आधार की पड़ताल की जाएगी।
नियम 43(ख) के तहत यह प्रक्रिया सेवानिवृत्त सरकारी सेवक के विरुद्ध चलाई जा रही है। विभागीय जांच पूरी होने और निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह तय होगा कि मामले में आगे कोई कार्रवाई बनती है या नहीं। तब तक कथित अनियमितताओं को जांचाधीन आरोप के रूप में ही देखा जाएगा।