नेमरा में संस्कार भोज के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, रामगढ़ में 14 आईपीएस समेत 2,300 अतिरिक्त जवान तैनात

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज के दौरान भीड़ और विधि-व्यवस्था संभालने के लिए रामगढ़ जिले को 13 सुपर जोन और 42 जोन में बांटा गया है।

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नेमरा में संस्कार भोज को लेकर तैनात सुरक्षा बलों का प्रतिनिधि दृश्य

रामगढ़ जिले के नेमरा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम में वीआईपी और आम लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए जिले में 14 अतिरिक्त आईपीएस अधिकारी, 42 डीएसपी और 2,300 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। यह व्यवस्था 18 अक्टूबर के भोज के बाद 19 अक्टूबर की सुबह तक लागू रहेगी।

विधि-व्यवस्था की निगरानी के लिए रामगढ़ जिले को 13 सुपर जोन में बांटा गया है। प्रत्येक सुपर जोन की जिम्मेदारी एक आईपीएस अधिकारी को दी गई है। इनके अंतर्गत कुल 42 जोन बनाए गए हैं और हर जोन की कमान एक डीएसपी संभालेंगे। बड़ी संख्या में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी दंडाधिकारी के रूप में लगाया गया है।

विशेष सुरक्षा इकाइयों को भी नेमरा में तैनात किया गया है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, झारखंड जगुआर के 135 जवानों वाले पांच असॉल्ट ग्रुप, आतंकवाद निरोधक दस्ते की दो हिट टीम और रैपिड एक्शन पुलिस की दो कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं। इनके साथ 60 पुलिस निरीक्षक और एएसआई से दारोगा स्तर तक के 300 अधिकारी-कर्मी लगाए गए हैं।

अतिरिक्त बल में 1,265 पुरुष लाठी बल और 100 महिला लाठी बल शामिल हैं। यातायात व्यवस्था के लिए एएसआई से दारोगा स्तर तक के 40 अधिकारियों के अलावा 100 यातायात कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन का जोर कार्यक्रम स्थल तक लोगों और वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रखने तथा भीड़ के बीच सुरक्षा बनाए रखने पर है।

संस्कार भोज के साथ नवरात्र के दौरान राज्यभर के पूजा पंडालों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी पुलिस बल लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों व्यवस्थाओं को मिलाकर झारखंड में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। पूजा स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी सुरक्षा योजना का हिस्सा है।

राज्य के विभिन्न जिलों में झारखंड सशस्त्र पुलिस, इंडियन रिजर्व बटालियन, विशिष्ट इंडियन रिजर्व बटालियन और झारखंड जगुआर के जवानों की सेवाएं ली जा रही हैं। उपलब्ध विशेष दस्तों में बम निरोधक और अश्रु गैस दस्ते भी शामिल हैं। रामगढ़ में की गई अतिरिक्त तैनाती विशेष रूप से नेमरा के कार्यक्रम और उससे जुड़ी विधि-व्यवस्था पर केंद्रित रहेगी।