पलमा-गुमला फोरलेन पर आवागमन शुरू, छत्तीसगढ़ सीमा तक ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण जारी

गुमला में 63.17 किलोमीटर लंबे पलमा-गुमला फोरलेन का निर्माण पूरा हो गया है। भरदा से झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा तक 32.37 किलोमीटर के नए हाईवे पर काम चल रहा है।

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गुमला में तैयार पलमा-गुमला फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग का दृश्य

गुमला जिले में पलमा से गुमला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के फोरलेन खंड का निर्माण पूरा हो गया है। करीब 63.17 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन भी शुरू हो चुका है। यह सड़क एनएच-43 के 26वें किलोमीटर से 89.17वें किलोमीटर तक बनाई गई है। परियोजना की लागत लगभग 1,908.43 करोड़ रुपये बताई गई है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के रांची क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत तैयार इस सड़क का पूर्णता प्रमाणपत्र 31 जनवरी 2027 तक जारी होने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा में लगने वाले समय और ईंधन की खपत घटने की उम्मीद जताई गई है। स्थानीय कारोबार को भी इससे लाभ मिलने का अनुमान है।

इसके साथ ही गुमला के भरदा से कटकायां स्थित झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा तक 32.37 किलोमीटर लंबे फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण जारी है। करीब 869.58 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम 18 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इसे 730 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड मार्ग में 15 पुल, 22 ग्रेड सेपरेटेड संरचनाएं और 95 बॉक्स कल्वर्ट प्रस्तावित हैं। परियोजना के तहत 10.08 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी बनाई जानी है। सड़क सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर लगाने के साथ संकेतक और जंक्शन सुधार के काम पर जोर दिया जा रहा है।

पलमा-गुमला मार्ग की निगरानी के लिए उच्च क्षमता वाले कैमरे लगाए गए हैं। आपात स्थिति में यात्रियों के लिए एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने और 1033 हेल्पलाइन से सहायता देने की व्यवस्था की गई है। निर्माण एजेंसी आरकेडी कंस्ट्रक्शन अगले 15 वर्षों तक सड़क का नियमित रखरखाव करेगी।

दोनों परियोजनाओं से गुमला और आसपास के क्षेत्रों का सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, सुगम आवागमन से व्यापार और कृषि गतिविधियों को सहायता मिल सकती है, जबकि निर्माण एवं परिवहन से जुड़ी गतिविधियों में रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना है।