नोवामुंडी में जेटेया मोड़-कोटगढ़ सड़क जर्जर, 50 से अधिक गांवों का आवागमन प्रभावित

करीब 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर जगह-जगह गड्ढों और बारिश के पानी से आवाजाही मुश्किल हुई। ग्रामीणों ने सड़क के पुनर्निर्माण या मजबूतीकरण की मांग की है।

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पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में जेटेया मोड़ से कोटगढ़ तक जाने वाली सड़क की खराब स्थिति से 50 से अधिक छोटे-बड़े गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। करीब 17 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों की परेशानी बढ़ जाती है।

यह सड़क स्थानीय आबादी के लिए बाजार, अस्पताल, प्रखंड कार्यालय और अनुमंडल मुख्यालय तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सतह के कारण उन्हें रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए भी जोखिम के बीच यात्रा करनी पड़ रही है। उनका दावा है कि कई हिस्सों में बहुत कम दूरी पर लगातार गड्ढे दिखाई देते हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क का निर्माण लगभग 15 से 20 वर्ष पहले कराया गया था। उनका कहना है कि इसके बाद नियमित मरम्मत और रखरखाव नहीं होने से मार्ग की हालत धीरे-धीरे बिगड़ती गई। मौजूदा बारिश ने पहले से क्षतिग्रस्त हिस्सों में आवाजाही को और कठिन बना दिया है।

सड़क की समस्या पहले भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी जा चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झामुमो की कार्यकारिणी के सदस्य मनोज लागुरी ने इस विषय में राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था। विधायक सोनाराम सिंकु ने भी सड़क से जुड़ा मुद्दा सदन में उठाया था, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार स्थिति में अब तक बदलाव नहीं आया है।

प्रभावित गांवों के लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे 17 किलोमीटर मार्ग का नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है। वैकल्पिक रूप से उन्होंने सड़क के आवश्यक मजबूतीकरण की बात रखी है। ग्रामीणों ने कहा है कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर वे आंदोलन करेंगे। फिलहाल उपलब्ध विवरण में निर्माण या मरम्मत शुरू करने की किसी विभागीय समयसीमा का उल्लेख नहीं है।