पतना-हिरणपुर सड़क की गुणवत्ता जांच और जर्जर बिजली तारों की मरम्मत के निर्देश

पतना में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क की खराब स्थिति पर जांच की मांग उठी। बैठक में बिजली, एंबुलेंस और अन्य स्थानीय समस्याओं पर भी अधिकारियों से पहल करने को कहा गया।

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पतना प्रखंड मुख्यालय में सड़क और बिजली समस्याओं पर बैठक करते पदाधिकारी

साहिबगंज जिले के पतना प्रखंड में पतना चौक से हिरणपुर तक बनी मुख्य सड़क की स्थिति और जर्जर बिजली तारों का मुद्दा गुरुवार को हुई झामुमो कार्यकर्ताओं की बैठक में उठा। पार्टी के केंद्रीय सचिव एवं प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों से बात कर सड़क निर्माण की जांच और बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।

कार्यकर्ताओं ने बैठक में बताया कि पथ निर्माण विभाग ने इस सड़क का निर्माण करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से कराया था। उनका कहना था कि निर्माण के एक-दो वर्ष के भीतर ही सड़क कई स्थानों पर जर्जर हो गई। उन्होंने काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग रखी।

इस शिकायत के बाद मिश्रा ने विभाग के वरीय पदाधिकारी से बातचीत की। उन्होंने सड़क निर्माण कार्य की जांच कराने और जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में जांच शुरू होने या उसके किसी निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।

बैठक में क्षेत्र के जर्जर विद्युत तारों और बिजली आपूर्ति की परेशानी पर भी चर्चा हुई। मिश्रा ने विद्युत विभाग के अधिकारी राज कुमार से बात कर एक सप्ताह के भीतर खराब तारों को दुरुस्त कराने तथा आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का समाधान करने को कहा। इन निर्देशों के क्रियान्वयन की स्थिति बाद में स्पष्ट होगी।

कार्यकर्ताओं ने सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। इसके बाद साहिबगंज के उपायुक्त और सिविल सर्जन से संपर्क कर तत्काल पहल करने की बात कही गई। बैठक से पहले मिश्रा ने प्रखंड मुख्यालय के विधायक कक्ष में आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों से बातचीत की।

इसके अतिरिक्त सात सितंबर को एमएमडीआर एक्ट के विरोध में प्रस्तावित झामुमो धरना-प्रदर्शन की तैयारियों तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा हुई। पार्टी पदाधिकारियों ने पंचायत स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने, संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से समन्वय बनाए रखने पर विचार किया।