परिवार नियोजन कार्यक्रम में पिछड़े जिलों से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण, 15 दिन में सुधार के निर्देश

रांची में हुई एनएचएम की राज्यस्तरीय समीक्षा में जिलों और प्रखंडों को परिवार नियोजन कार्यक्रम के लक्ष्य हासिल करने के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया।

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रांची के नामकुम में परिवार नियोजन कार्यक्रम की राज्यस्तरीय समीक्षा कार्यशाला

रांची के नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में परिवार नियोजन कार्यक्रम की राज्यस्तरीय समीक्षा के दौरान कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों और प्रखंडों को सुधार के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों से स्पष्टीकरण मांगा जाए। अगले 15 दिनों में स्थिति बेहतर नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एनएचएम के तत्वावधान में 26 और 27 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय उन्मुखीकरण-सह-समीक्षा कार्यशाला में राज्य के सभी 24 जिलों के प्रदर्शन पर चर्चा हुई। अधिकारियों को जिला और प्रखंड स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय में परिवार नियोजन से जुड़े लक्ष्य पूरे करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में गर्भनिरोधक साधनों और दूसरी आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता तथा आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य संस्थानों में इन सामग्रियों की निरंतर उपलब्धता को प्राथमिकता बताते हुए आपूर्ति शृंखला मजबूत करने, भंडारण की निगरानी सुधारने और वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि निगरानी ऐसी होनी चाहिए जिससे किसी स्वास्थ्य संस्थान में जरूरी सामग्री का भंडार समाप्त न हो और कहीं आवश्यकता से अधिक सामग्री जमा भी न रहे। इसके लिए उपलब्ध भंडार, स्थानीय मांग और समय पर आपूर्ति के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया है।

कार्यशाला में परिवार नियोजन लॉजिस्टिक्स प्रबंधन सूचना प्रणाली को ड्रग्स एंड वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से संचालित करने पर विस्तार से विचार किया गया। डीवीडीएमएस पोर्टल के उपयोग, मांग और आपूर्ति की निगरानी तथा समयबद्ध रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पर भी अधिकारियों और प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।

समीक्षा का उद्देश्य परिवार नियोजन सेवाओं की निरंतरता के लिए आवश्यक सामग्री समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाना है। बैठक में स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सहित परिवार नियोजन कोषांग, सी-डैक और संबंधित सहयोगी संस्थाओं के अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अब जिलों के प्रदर्शन और अगले 15 दिनों में होने वाले सुधार की निगरानी की जाएगी।