पलामू की नदियों की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार कर रहा प्रशासन, सीवेज शोधन और कचरा प्रबंधन पर जोर

पलामू जिला प्रशासन नदियों की मौजूदा स्थिति का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। मेदिनीनगर में कोयल-अमानत संगम की सफाई के साथ सीवेज शोधन संयंत्र और कचरा प्रबंधन की योजना पर काम शुरू किया गया है।

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मेदिनीनगर में कोयल और अमानत नदी के संगम क्षेत्र में चलाया गया स्वच्छता अभियान

पलामू जिले की नदियों को प्रदूषण से बचाने और उनकी सफाई के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत कार्ययोजना पर काम शुरू किया है। प्रशासन नदियों की मौजूदा स्थिति का अध्ययन कर एक रिपोर्ट तैयार कर रहा है। यह रिपोर्ट राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इस प्रक्रिया में ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों के अनुपालन की भी समीक्षा की जा रही है।

गांधी जयंती के अवसर पर चलाए गए स्वच्छता अभियान के तहत मेदिनीनगर में कोयल और अमानत नदियों के संगम स्थल की सफाई की गई। अभियान के दौरान पौधारोपण भी हुआ। प्रशासन ने नदी क्षेत्रों का सर्वेक्षण और सफाई अभियान संचालित करने वाले अधिकारियों को चरणबद्ध प्रशिक्षण देने की तैयारी की है। प्रशिक्षण में कचरे के निस्तारण और नदियों को स्वच्छ रखने के तरीकों पर ध्यान दिया जाएगा।

जिला प्रशासन के मुताबिक, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों से नदियों में पहुंचने वाले गंदे पानी के उपचार के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना बनाई जा रही है। तैयार किए गए रोडमैप की लगातार समीक्षा होगी। नदियों में कचरा डालने या अन्य तरीके से गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान भी योजना में शामिल किया जा रहा है।

उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में भोपाल नगर निगम से संबंधित एक मामले के निर्देशों के क्रम में पलामू की नदियों की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गई है। उनके अनुसार प्रशासन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2024 का पालन सुनिश्चित करने, सीवेज शोधन की व्यवस्था विकसित करने और संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षित करने पर काम कर रहा है।

पलामू क्षेत्र से उत्तरी कोयल, सोन, अमानत, बटाने, औरंगा और भेलवा समेत कई नदियां गुजरती हैं। इन जल स्रोतों पर अनेक पेयजल योजनाएं और बड़ी आबादी निर्भर है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कुछ स्थानों पर नालियों का पानी और कचरा नदियों में पहुंच रहा है। नदी किनारे कचरा जमा होने और अतिक्रमण की समस्या भी सामने आई है।

मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में अब तक सीवेज संयंत्र तैयार नहीं होने की बात भी सामने आई है। हुसैनाबाद क्षेत्र का अपशिष्ट सोन नदी और बिश्रामपुर का कचरा व नाली का पानी भेलवा नदी में पहुंचने की सूचना है। प्रशासन की रिपोर्ट में इन समस्याओं की स्थिति दर्ज होने के बाद सफाई, अपशिष्ट उपचार और निगरानी से जुड़े अगले कदम तय किए जाने की संभावना है।