पलामू से शुरू हुए महिला नेतृत्व वाले डेयरी-टेक स्टार्टअप स्वधा एग्री प्राइवेट लिमिटेड ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित दक्षिण एशिया क्षेत्रीय चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच पर अपना विकेंद्रीकृत डेयरी मॉडल प्रस्तुत किया। यह आयोजन 19 और 20 अक्टूबर को हुआ, जहां दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधियों के सामने स्थानीय स्तर पर दूध संग्रह, शीतलन और ग्राहकों तक आपूर्ति की व्यवस्था रखी गई।
कंपनी की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेहा भारती के अनुसार, स्वधा की शुरुआत 2021 के लॉकडाउन के दौरान पलामू से हुई थी। कंपनी का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ दिलाना और डेयरी को परिवारों की प्रमुख आजीविका बनाने में सहायता करना है। कंपनी का दावा है कि वह अब तक दस लाख से अधिक डिलीवरी पूरी कर चुकी है।
स्वधा के मुताबिक, उसके नेटवर्क से 1,500 से अधिक किसान जुड़े हैं और इनमें 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। पलामू और जगदलपुर में कंपनी के पांच हजार से अधिक ग्राहक बताए गए हैं। दूध की जांच, संग्रह और घर तक आपूर्ति की प्रक्रिया संचालित करने के लिए तीन ऐप विकसित किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
मंच पर जापान के इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल एनवायरनमेंटल स्ट्रेटजीज ने किसानों से गोबर खरीदकर बायोगैस और जैविक खाद तैयार करने की योजना में रुचि दिखाई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संस्थान ने प्रस्तावित पायलट परियोजना के लिए विशेषज्ञता और वित्तीय सहयोग की संभावना जताई। श्रीलंका के फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी मॉडल में दिलचस्पी दिखाई।
कंपनी छोटे डेयरी उद्यमियों को तकनीक के सहारे अपना कारोबार बढ़ाने में मदद करना चाहती है। उसका लक्ष्य स्थानीय उद्यमियों को 200 ग्राहकों के स्तर से 20 हजार ग्राहकों तक पहुंचने योग्य व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसके लिए दूध आपूर्ति क्षेत्र में तकनीक आधारित नेटवर्क विकसित करने की योजना बताई गई है।
मंच के बाद नेहा भारती ने झारखंड सरकार के उद्योग निदेशक को इस पहल की जानकारी दी। कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, निदेशक ने राज्य सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया। विभिन्न देशों और संस्थानों की ओर से दिखाई गई रुचि अभी संभावनाओं के स्तर पर है; किसी पायलट परियोजना की शुरुआत या उसके स्थान और समय की घोषणा उपलब्ध विवरण में नहीं की गई है।