बोकारो समेत देश के प्रमुख इस्पात नगरों में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की संपत्तियों पर अवैध कब्जा बढ़ने की बात सामने आई है। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक, देशभर में सेल की 5,056 एकड़ जमीन और उसकी टाउनशिप के 7,987 आवास अवैध कब्जे में दर्ज हैं।
रिपोर्ट में दिए गए पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़ों से तुलना करें तो कब्जे वाले आवासों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ऐसे आवास 6,967 थे। एक वर्ष में यह संख्या 1,020 बढ़कर 7,987 हो गई। जमीन के मामले में भी अवैध कब्जे का दायरा 5,031 एकड़ से बढ़कर 5,056 एकड़ हो गया, यानी 25 एकड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, सेल के सीधे नियंत्रण और कब्जे में कुल 55,187 एकड़ जमीन है। इसमें 31,480 एकड़ जमीन अदालती मुकदमों से संबंधित बताई गई है। इसके अलावा 5,974 एकड़ जमीन लीज पर है, जबकि 8,080 एकड़ को डीम्ड कब्जे की श्रेणी में रखा गया है।
बोकारो, भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर जैसे इस्पात नगरों में कंपनी के बड़े आवासीय परिसर हैं। इन परिसरों में मकानों का रखरखाव और नियमों के अनुसार उनका आवंटन प्रबंधन की जिम्मेदारी है। ऐसे में अवैध कब्जे वाले आवासों की बढ़ती संख्या कर्मचारियों के लिए उपलब्ध आवास और कंपनी की परिसंपत्तियों के उपयोग से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बनती है।
हालांकि, सामने आए आंकड़ों से यह स्पष्ट नहीं होता कि कितने मकानों को खाली कराने की कार्रवाई चल रही है अथवा कितने मामले कानूनी प्रक्रिया में लंबित हैं। रिपोर्ट में अवैध कब्जों के विरुद्ध किसी विस्तृत कार्रवाई या प्रस्तावित समयसीमा की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। इसलिए अलग-अलग इस्पात नगरों की वास्तविक स्थिति पर और विवरण जरूरी होगा।
नई वार्षिक रिपोर्ट ने जमीन तथा आवासों की निगरानी और प्रबंधन की चुनौती को रेखांकित किया है। पिछले वर्ष की तुलना में दोनों श्रेणियों में वृद्धि दर्ज होने के बाद बोकारो जैसे औद्योगिक शहरों में अतिक्रमण की पहचान, परिसंपत्तियों की सुरक्षा और नियमानुसार आवंटन की व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना है।